Home National एसआरएम विश्वविद्यालय के छात्रों को एंजलहैक ग्लोबल हैकाथॉन में पुरस्कार

एसआरएम विश्वविद्यालय के छात्रों को एंजलहैक ग्लोबल हैकाथॉन में पुरस्कार

एसआरएम डीम्ड टू बी युनिवर्सिटी, कट्टनकुलाथुर के एक छात्र दल को एंजल हैक हैकाथॉन में पहले पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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एसआरएम डीम्ड टू बी युनिवर्सिटी, कट्टनकुलाथुर के एक छात्र दल को एंजल हैक हैकाथॉन में पहले पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हैदराबाद के माइक्रोसॉफ्ट परिसर में एंजल हैक ग्लोबल हैकाथॉन 2018 सीरीज के तहत इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के लिए इस साल की थीम ‘सीमलैस टेक्नोलॉजी’ थी। डेवलपर्स को बिना किसी रोकटोक के आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए प्रोत्साहित करना, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था। इस तरह के समाधान प्रोटोटाइपिंग और डिप्लॉयमेन्ट को बढ़ावा देते हैं और टेक्नोलॉजी उद्योग में उत्पादकता दर को बढ़ाते हैं।

200 से अधिक छात्रों, अनुभवी पेशेवरों और उद्यमियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम 30 घंटे तक चला। इसमें कई मूल्यांकनों और पिचिंग सत्रों के 2 राउंड के बाद परिणामों की घोषणा की गई। इसके निर्णायक पैनल में माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और कई बड़े स्टार्ट-अप्स के पेशेवर शामिल थे।

युनिवर्सिटी के नेक्स्ट टैक लैब से दो छात्र अंकुर अग्रवाल और कृष्णा मनीषा देंडुकुरी विजेता टीम में शामिल थे। ग्लोबल हैकेक्सेलरेटर प्रोग्राम 2018 के माध्यम से छात्रों को विचारकों एवं अनुभवी उद्यमियों से मिलने का मौका मिला।

टीम ने आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस आधारित एप्लीकेशन बनाया, जो मशीन लनिर्ंग में काम करने वालों की समस्याओं का समाधान करता है। सर्वश्रेष्ठ एल्गोरिदम और डेटा की मदद से समस्याओं के समाधान की अधिकतम सटीकता दर सुनिश्चित की गई। एप्लीकेशन बनाने के लिए आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया गया, ट्रायल एंड एरर मॉडल के आधार पर लंबे तक तक प्रयास किए गए।

छात्रों ने ऐसा समाधान विकसित किया है जो 10 विभिन्न एल्गोरिदम को बिना चलाए उनकी दक्षता का मूल्यांकन कर सकता है और उपयोगकर्ता को सर्वश्रेष्ठ सुझाव दे सकता है, जिससे प्राशिक्षण में लगने वाले समय, जीपीयू पॉवर की बचत होती है। इन्हीं विशेषताओं के चलते प्रोजेक्ट को पहला पुरस्कार मिला है।

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