Home Rajasthan प्रदेश के किसानों की मुश्किले बढ़ी, पहले टिड्डी, ओलावृष्टि और अब कोरोना...

प्रदेश के किसानों की मुश्किले बढ़ी, पहले टिड्डी, ओलावृष्टि और अब कोरोना ने बढ़ाई चिंता

109
0

दा एंगल।
जयपुर।
प्रदेश के अन्नदाता की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले टिड्डी फिर ओलावृष्टि और अब कोरोना ने प्रदेश के किसानों की मुसीबत में इजाफा कर दिया है। प्रदेश में बार-बार मौसम के रंग बदल रहे हैं। इससे खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। ऐसे में किसान अपनी फसल को बाजार में बेच नहीं पा रहा है।

किसानों की फसलें हुई चौपट

किसानों को फसलों के सही दाम नहीं मिल रहा है जिससे उसको कोई भी लाभ नहीं हो रहा है। गौरतलब है पिछले दिनों हुई प्रदेश में ओलावृष्टि ने फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। इसके बाद जो ओलावृष्टि से बच गई फसलों को वो बाजार में बेचने जाता उससे पहले कोरोना ने सब कुछ चौपट कर दिया। इस महामारी के बेकाबू होने की आशंका के चलते समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रक्रिया को बीच में ही स्थगित कर दिया गया।

प्रदेश में राजफैड ने सरसों की खरीद के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी थी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गए थे। साथ ही एफसीआई ने भी गेहूं की खरीदी के लिए तैयारियां शुरू कर दी थीं, लेकिन आज के हालात को देखते हुए दोनों ही संस्थाओं ने इसे स्थगित कर दिया है।

मौसम ने बढ़ाई चिंता

कोढ़ में खाज वाली कहावत को चरितार्थ करता यह मौसम जो बार-बार बदलता जा रहा है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें और गहरी होती जा रही है। खेतों में फसल कटकर पड़ी है। बार-बार बदल रहे मौसम ने किसानों की बची-कुची आशाओं पर भी पानी फेरती नजर आ रही है। लॉकडाउन की स्थिति होने से किसान मंडियों में भी अपनी फसल नहीं बेच पा रहे हैं। किसानों को अपनी रही सही फसल के भी खराब होने का डर सता रहा है। प्रदेश में इस बार रबी की फसल की बंपर बुवाई हुई थी। लेकिन परिस्थितियों ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।


कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार रबी सीजन में 93 लाख 30 हजार हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य रखा था, लेकिन बुवाई इसके मुकाबले 99 लाख 6 हजार हेक्टेयर में हुई. रबी सीजन में लक्ष्य के मुकाबले 106.18 प्रतिशत क्षेत्र में बुवाई हुई. गेहूं समेत खाद्यान्न की बुवाई 114.17 प्रतिशत क्षेत्र में यानि लक्ष्य से ज्यादा हुई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here