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मुख्यमंत्री गहलोत ने 108 चिकित्सा संस्थानों का किया वीसी के जरिए किया लोकार्पण-शिलान्यास

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द एंगल।

जयपुर।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थानवासियों को कोरोना संकटकाल में भी राहत और सौगात दे रहे हैं और अब उन्होंने प्रदेशवासियों को एक और सौगात दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 108 चिकित्सा संस्थानों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

कोरोना ने हमारी जीवनशैली को बदल दिया- सीएम गहलोत

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि corona संक्रमण ने आज में इतना मजबूर कर दिया है कि आज हमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम को आयोजित करना पड़ रहा है। क्योंकि इस महामारी ने हम सभी के रहन-सहन, खान-पान, जीवन जीने की शैली सभी को प्रभावित किया है। और यही वजह है कि लॉकडाउन खुलने और आर्थिक गतिविधियां शुरु करने के बाद भी आज रेस्टोरेंट्स और होटल्स खाली पड़े हैं। आज किसी को नहीं पता कि ये महामारी कहां तक जाएगी, कब तक इसकी वैक्सीन बन पाएगी, ऐसे में सरकार का प्रयास होना चाहिए कि हमारी अन्य एक्टिविटीज भी साथ-साथ चलती रहें। क्योंकि एक तरफ तो हमें जीवन बचाना है और दूसरी तरफ हमें आजीविका भी बचानी है और बगैर आजीविका के जीवन बचा पाना संभव नहीं है। हालांकि कुछ जानें इलाज के जरिए भी बचाई जा सकती हैं लेकिन फिर भी आजीविका भी जरूरी है।

मॉडल के रूप में उभरे कम से कम एक सीएचसी

उन्होंने प्रदेश के विधायकों से अपील की कि आपको अधिकार दिया गया है कि दो साल का एमएलए फंड का आपका पूरा पैसा आप जहां चाहेंगे, अपने सीएचसी को पीएचसी को मजबूत करने में, सब सेंटर के लिए, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के लिए खर्च कर सकते हैं। लेकिन आप कुछ इस तरह से खर्च करें जिससे कि आने वाले वक्त में पूरे विधानसभा क्षेत्र में उसका लाभ उठा सकें। उन्होंने एक सुझाव साझा करते हुए कहा कि जैसे कम से कम एक सीएचसी इस प्रकार से एक मॉडल सीएचसी के रूप में उभरकर सामने आए जिससे पूरे विधानसभा क्षेत्र के लोग जिला अस्पताल तक जाने की बजाय यहीं अपना इलाज करवा सकें और आपके क्षेत्र में मेडिकल सुविधाएं में कोई कमी नहीं रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी बना राजस्थान- गहलोत

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राजस्थान देश में एकमात्र राज्य है जिसमें कोरोना के काल के अंदर हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया है। इसीलिए आज हमारे पास बेड की कमी नहीं है, वेंटिलेटर्स की कमी नहीं है, आईसीयू के बेड्स बढ़ गए हैं, क्वारंटाइन बहुत शानदार हुआ गांवों के अंदर भी शहरों के अंदर भी, टेस्टिंग किट्स की कमी नहीं है, जहां हम टेस्टिंग के लिए बाहर जाते थे दिल्ली और पुणे, आज आपको जानकर खुशी होगी लगभग 40 हजार टेस्ट पर डे की कैपेसिटी आज राजस्थान में हो गई है। हम लोगों ने पड़ोसी राज्यों को भी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, यूपी सबको ऑफर किया है कि अगर आप चाहें तो आप हमारे यहां प्रतिदिन 5000 corona संक्रमण टेस्ट करवा सकते हैं।

कहने का मतलब है कि राजस्थान आज इसमें अग्रणी बना है और मैं चाहूंगा कि मेडिकल में हम लोग अग्रणी बने रहें, नवाचार करते जाएं, यही आप सबकी सोच होनी चाहिए सरकार के साथ में तभी हम इसमें कामयाब हो पाएंगे।

हमेशा बना रहेगा स्वास्थ्य सेवाओं में पब्लिक सेक्टर का महत्व

उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार ने फैसला किया है कि प्रदेश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोला जाए। इसके लिए काम चल रहा है और 15 मेडिकल कॉलेज खोले भी जा चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक बात और मैं अनुभव से कह सकता हूं कि जैसे अहमदाबाद, मुम्बई, दिल्ली ये वो सिटी हैं जहां केवल प्राइवेट सेक्टर्स को तरजीह दी गई। प्राइवेट सेक्टर्स आएं उनका स्वागत है लेकिन पब्लिक सेक्टर को भी मजबूत करना जरूरी है। अन्यथा ऐसे महामारी के दौर में लोग तकलीफ पाते हैं। यही वजह है कि इन शहरों में corona संक्रमण आउट ऑफ कंट्रोल हो गया है। राजस्थान में हम लोगों ने प्राइवेट सेक्टर को अलाऊ किया लेकिन पब्लिक सेक्टर में भी हम लोगों ने ध्यान दिया है, इस कारण से आज हम लोग तकलीफ नहीं पा रहे हैं। इसलिए हमेशा पब्लिक सेक्टर का महत्व बना रहेगा।

डॉक्टर्स डे पर डॉ. बिधान चंद्र रॉय को किया याद, जताया मेडिकल परिवार का आभार

आज राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे भी है। इस मौके पर उन्होंने डॉ. बिधान चंद्र रॉय को याद करते हुए कहा कि वे आजादी के बाद भारत रत्न से सम्मानित भी हुए थे और देश को आजादी दिलाने में भी उनका योगदान रहा। उन्होंने फ्रीडम मूवमेंट में तो भाग लिया ही, साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी की भी सेवा की। उनके जन्मदिवस और पुण्यतिथि को डॉक्टर्स डे के रूप में मनाना डॉक्टर्स फर्टिनिटी को एक आह्वान करना है कि आपकी जो सेवाएं हैं वो किसी भी रूप में कम नहीं हैं इसीलिए आज आपका मान-सम्मान, लोग कहते हैं कि ईश्वर को देखा नहीं पर जो बीमार होते हैं तो बीमार के रूप में ही सामने आते हैं।

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