Home International Culture पधारो म्हारे देश को जीवंत करता राजस्थान का पर्यटन विभाग

पधारो म्हारे देश को जीवंत करता राजस्थान का पर्यटन विभाग

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दा एंगल।
जयपुर।
आज विश्व पर्यटन दिवस है। आज पूरे देश में पर्यटन से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। किसी भी देश की नींव होती है पर्यटन नीति। जितने ज्यादा पर्यटक आएंगे उतनी ही ज्यादा इनकम होगी। राजस्थान में अपने मरु धारों और विरासत के लिए प्रसिद्ध है। गौरतलब है कि विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा हुई थी। 1997 में टर्की में यह निश्चित हुआ था कि हर साल एक थीम पर पर्यटन दिवस मनाया जाएगा।
इसको मनाने उद्देश्य लोगों को पर्यटन के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व से परिचित कराना और उन्हें बदले में जिम्मेदार पर्यटक बनाना है। इस साल पहली बार भारत विश्व पर्यटन दिवस की मेजबानी कर रहा है और भारत का विषय है ‘पर्यटन और नौकरियांः सभी के लिए बेहतर भविष्य’ है। विश्व पर्यटन का मुख्य कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित हा रहा है।

राजस्थान उत्तर भारत का एक प्रमुख राज्य है और यह पर्यटन के लिए सबसे अच्छा राज्य माना जाता है। राजस्थान में हर जिले में कई दर्शनीय स्थल देखने को मिलते है, यहां देखने के लिए विशेष रूप से दुर्ग है जो राजस्थान के लगभग हर जिले में होते हैं। इसके अलावा राजस्थान में कई पौराणिक मन्दिर भी है।
राजस्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और महान इतिहास से संपन्न होने के चलते पर्यटन उद्योग बहुत समृद्धिशाली है। भारत की सैर करने वाला हर तीसरा विदेशी सैलानी राजस्थान देखने जरूर आता है क्योंकि यह भारत आने वाले पर्यटकों के लिए ष्गोल्डन ट्रायंगल का हिस्सा है। जयपुर के महल, उदयपुर की झीलें और जोधपुर, बीकानेर तथा जैसलमेर के भव्य दुर्ग भारतीय और विदेशी सैलानियों के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक हैं। इन प्रसिद्ध स्थलों को देखने के लिए यहां हजारों पर्यटक आते हैं।

रेगिस्तान के धोरे विश्व प्रसिद्ध

जयपुर का हवामहल, जोधपुर, बीकानेर के धोरे और जैसलमेर के धोरे काफी प्रसिद्ध हैं। जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग, चित्तौड़गढ़ दुर्ग काफी प्रसिद्ध है। यहां राजस्थान में कई पुरानी हवेलियां भी है जो वर्तमान में हैरीटेज होटलें बन चुकी हैं। पर्यटन ने यहां आतिथ्य क्षेत्र में भी रोजगार को बढ़ावा दिया है। यहां की मुख्य मिठाई घेवर है। राजस्थान की सबसे अहम खासयित है अतिथि देवो भवः। मुख्यमंत्री अषोक गहलोत ने भी विष्व पर्यटन दिवस पर प्रदेषावसियों को शुभकामनाएं दी है।

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