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शौर्य, पराक्रम का दूसरा नाम भारतीय वायुसेना…

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दा एंगल।
गाजियाबाद।
सेना का नाम सुनते ही शरीर में एक स्पूर्ति से दौड़ जाती है। भारतीय सेना के जवान हर समय देश की रक्षा के लिए चाॅक चैंबद रहते हैं। आज भारतीय वायुसेना का 87वां स्थापना दिवस है। भारतीय वायुसेना भारतीय सशस्त्र सेना का एक अंग है जो वायु युद्ध, वायु सुरक्षा, एवं वायु चाेकसी का महत्वपूर्ण काम देश के लिए करती है।

भारतीय वायुसेना आज हुई 87 बरस की

वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को की गयी थी। आजादी से पूर्व इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स के नाम से जाना जाता था और 1945 के द्वितीय विश्वयुद्ध में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आजादी के पश्चात इसमें से रॉयल शब्द हटाकर सिर्फ इंडियन एयरफोर्स कर दिया गया।
आजादी के बाद से ही भारतीय वायुसेना पड़ौसी मुल्क पाकिस्तान के साथ चार युद्धों व चीन के साथ एक युद्ध में अपना योगदान दे चुकी है। अब तक इसने कईं बड़े मिशनों को अंजाम दिया है जिनमें ऑपरेशन विजय – गोवा का अधिग्रहण, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन कैक्टस व ऑपरेशन पुमलाई शामिल है। ऐसें कई विवादों के अलावा भारतीय वायुसेना संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन का भी सक्रिय हिसा रही है।

राहत कार्यों में भी निभाई प्रभावी भूमिका

भारतीय वायुसेना का काम सिर्फ युद्ध करना नहीं बल्कि वायु सेना भारतीय सशस्त्र बलों की अन्य शाखाओं के साथ साथ आपदा राहत कार्यक्रमो में प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री गिराने, खोज एवं बचाव अभियानों, आपदा क्षेत्रों में नागरिक निकासी उपक्रम में सहायता प्रदान करता है। भारतीय वायु सेना ने 2004 में सुनामी तथा 1998 में गुजरात चक्रवात के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए राहत आपरेशनों के रूप में व्यापक सहायता प्रदान की।

वायुसेना ने आकाश में दिखाए करतब

भारतीय वायुसेना के स्थापना दिवस के अवसर गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान वायुसेना के जवान लड़ाकू विमानों के साथ करबत दिखा रहे हैं हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित एयर शो में पहली बार लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे और हैवी लिफ्ट हेलीकॉप्टर चिनूक अपनी ताकत दिखा रहे हैं। इससे पहले सेना प्रमुख बिपिन रावत, भारतीय वायु सेना प्रमुख आरके सिंह भदौरिया और नौसेनाध्यक्ष करमबीर सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने वायुसेना दिवस पर कहा कि बालाकोट एयरस्ट्राइक की रणनीतिक प्रासंगिकता आतंकवादियों को दंडित करने के लिए राजनीतिक नेतृत्व का संकल्प है।

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