Home National सुशासन बाबू की NRC और NPR पर दो टूक, बोले….

सुशासन बाबू की NRC और NPR पर दो टूक, बोले….

90
0

द एंगल।

दरभंगा।

बिहार के मुख्यमंत्री (Chief Minister) और केंद्र की एनडीए सरकार में सहयोगी जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने साफ कहा है कि बिहार में राष्‍ट्रीय नागरिकता रजिस्‍टर (NRC) किसी भी हाल में लागू नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राष्‍ट्रीय जनसंख्‍या रजिस्टर (NPR) को भी वर्ष 2010 के आधार पर ही लागू किया जाएगा। आगे उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में अल्पसंख्यकों (Minorities) के साथ अन्याय (Injustice) नहीं होने दिया जाएगा।

बिहार के विकास से कोई समझौता नहीं

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने ये तमाम बातें कल रविवार को दरभंगा के हायाघाट प्रखंड के चंदनपट्टी स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय में एक जनसभा को संबोधिक करते हुए कहीं। वे यहां सैटेलाइट कैंपस में अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्‍होंने कहा कि बिहार के विकास से समझौता कतई नहीं किया जाएगा।

नीतीश बोले- ‘दरभंगा में AIIMS और एयरपोर्ट हमारी ज़िद’

नीतीश ने कहा कि सूबे के विकास (Development) के लिए किसी भी चीज से समझौता नहीं किया जाएगा। जो काम का संकल्प लिया है, उसे पूरा करेंगे। उन्‍होंने स्पष्ट शब्दों में इस बात का उल्लेख किया कि दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (AIIMS) और एयरपोर्ट (Airport) की स्थापना उनकी ज़िद थी। इसके लिए वे अड़ गए थे। कई लोग एम्स और एयरपोर्ट को दूसरी जगह ले जाने के लिए कोशिश कर रहे थे। जब बिहार को दूसरा एम्स मिला तो उसी समय तय कर लिया था कि पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल (PMCH) के बाद सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज दरभंगा का है। इसलिए यहीं भी एम्स की स्थापना होगी। इसी तरह जब दो एयरपोर्ट बनाने की बात आई तो सरकार ने तय किया कि दरभंगा और पूर्णिया में एयरपोर्ट बनाए जाएंगे।

मौलाना आजाद को भुलाया नहीं जा सकता

महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद (Maulana Abul Kalam Azad) को याद करते हुए नीतीश ने कहा कि देश की आजादी (Freedom Struggle) और शिक्षा (Education) के क्षेत्र में उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता। जैसे लोग महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को याद रखते हैं, ठीक उसी तरह मौलाना आजाद को भी याद रखना चाहिए। उनके जीवन और काम के बारे में नई पीढ़ी को पता होना चाहिए। इसके लिए मौलाना आजाद की जीवनी को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।

सभी जिलों में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय (Minority Boarding School) की स्थापना की जाएगी। जब से सत्ता संभाली, एक-एक कर सभी चीजों को दुरुस्त किया। बिजली, रोड, शिक्षा, स्वास्थ्य के बाद पर्यावरण, शराबबंदी, दहेज-प्रथा, बाल-विवाह सहित कुरीतियों के खिलाफ सामाजिक चेतनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। खुशी हुई कि यहां के छात्र जल जीवन हरियाली को लेकर काफी सजग हैं। अब तो हर महीने के पहले मंगलवार को सरकारी स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में जल जीवन हरियाली पर चर्चा की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here