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अदाणी ग्रीन एनर्जी ने जीता दुनिया का सबसे बड़ा सौर पुरस्कार

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द एंगल।

बिजनेस डेस्क।

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEl) ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) से अपनी तरह का मेन्‍यूफेक्‍चरिंग से जुड़ा हुआ पहला सौर समझौता हासिल किया है। अवार्ड के एक हिस्‍से के रूप में एजीईएल सौर परियोजनाओं के 8 गीगावाट को एक प्रतिबद्धता के साथ विकसित करेगा, जिसके अंतर्गत अदाणी सोलर को अतिरिक्त सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण क्षमता के 2 गीगावाट की स्‍थापना करनी होगी। यह अवार्ड, दुनिया में अपनी तरह का अब तक का सबसे बड़ा अवार्ड है जो 45 हजार करोड़ यानि लगभग 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर का एकल निवेश लाएगा और 4 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा। यह अपने जीवनकाल में 900 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड को भी विस्थापित करेगा।

एजीईएल सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी बनने के लिए तेज करेगी प्रयास

इस सफलता के साथ एजीईएल के पास अब संचालन, निर्माण या अनुबंध के अंतर्गत 15 गीगावाट क्षमता होगी, जिससे कंपनी 2025 तक दुनिया की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी बनने की दिशा में अपनी यात्रा को तेज करेगी। यह अवार्ड कंपनी को 2025 तक 25 गीगावाट अक्षय ऊर्जा की स्थापित जेनेरेशन क्षमता प्राप्त करने के अपने लक्ष्य के करीब ले जाएगा जिससे बदले में अगले 5 वर्षों में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 1.12 लाख करोड़ यानि लगभग 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करने के लिए प्रतिबद्धता रहेगी।

COP 21 शिखर सम्मेलन में भारत की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाता है यह कदम- गौतम अदाणी

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के लॉन्‍च होने के बाद घोषित होने वाला यह सबसे बड़ा एकल निवेश है। यह जलवायु परिवर्तन से जूझ रहे विश्व का नेतृत्व करने के लिए भारत में उठाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम है तथा 2015 में पेरिस में COP 21 शिखर सम्मेलन में दुनिया के लिए भारत के प्रधानमंत्री द्वारा व्‍यक्‍त की गई प्रतिबद्धता को ही आगे बढ़ाता है।

‘जलवायु अनुकूलन को आर्थिक विकास प्राथमिकताओं से स्वतंत्र नहीं माना जा सकता’

सफलता के बारे में बताते हुए अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, “इस ऐतिहासिक सोलर अवार्ड के लिए एसईसीआई द्वारा चुने जाने पर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। आज की दुनिया में जलवायु अनुकूलन को आर्थिक विकास प्राथमिकताओं से स्वतंत्र नहीं माना जा सकता है और रोजगार सृजन के साथ-साथ डी-कार्बोनाइज़ेशन दोनों एक साथ ही हमारा उद्देश्य होना चाहिए। भारत ने पेरिस में 2015 के संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में एक प्रतिबद्धता जताई थी कि भारत जलवायु परिवर्तन क्रांति का नेतृत्व करेगा और आज अपनी COP 21 प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की राह पर चल रहे सिर्फ आठ देशों के बीच में नेतृत्‍व संभाले हुए है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को सक्षम करने की दिशा में एक और कदम

यह तथ्य कि अक्षय ऊर्जा दुनिया का सबसे स्वच्छ और सबसे किफायती ईंधन बनेगी, एक पूर्वविदित निष्कर्ष है और अदाणी ग्रुप इस यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाने का इरादा रखता है। यह अवार्ड जलवायु परिवर्तन के प्रति हमारे देश के वादे के साथ-साथ देश के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सक्षम करने की दिशा में उठा एक और कदम है।

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