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महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद हुआ पोस्टमार्टम व सम्मान के साथ भू समाधी

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THE ANGLE
लखनऊ।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी कि भू समाधी आज हो गई है। यूपी पुलिस के मुताबिक आज सुबह करीब 8 बजे पोस्टमॉर्टम किया गया और महंत नरेंद्र गिरी की भू समाधी दोपहर 12 बजे बाघंबरी मठ के बगीचे में करी गई। इस बीच, योगी आदित्यनाथ सरकार ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (ABAP) के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि की रहस्यमयी मौत की जांच के लिए 18 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसआईटी की अध्यक्षता अंचल अधिकारी अजीत सिंह चौहान करेंगे। इसमें चार इंस्पेक्टर, तीन सब इंस्पेक्टर और अन्य पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। महंत नरेंद्र गिरि सोमवार शाम प्रयागराज के बाघंबरी मठ में अपने कमरे में मृत पाए गए थे।

पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। पुलिस ने बताया कि साधु के सुसाइड नोट में आनंद गिरी का नाम लिखे जाने के बाद नरेंद्र के एक शिष्य आनंद गिरी को हिरासत में ले लिया गया है। सूत्रों के अनुसार स्वरुप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज में सुबह शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम के हर एक क्षण की वीडियोग्राफी की गई है और रिपोर्ट को सील करदिया गया है।

नरेंद्र गिरि को धार्मिक अभ्यास के अनुसार बैठने की स्थिति में समाधि दी गई

निरंजनी अखाड़े के सचिव रवींद्र पुरी ने कहा, “पोस्टमॉर्टम के बाद, उनके पार्थिव शरीर को संगम में स्नान अनुष्ठान के लिए ले जाया गया, जहां से उन्हें हनुमान मंदिर लाया गया और ‘नगर यात्रा’ वापस बाघंबरी गद्दी मठ, अल्लाहपुर में आई।” जहा उन्हें भू समाधी दी गई। नरेंद्र गिरि को धार्मिक अभ्यास के अनुसार बैठने की स्थिति में समाधि दी गई, जैसे कि वह ‘ध्यान’ मुद्रा में बैठे हों। इससे पहले मंगलवार शाम हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या तिवारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी थी।

सुसाइड नोट में, महंत नरेंद्र गिरि ने अपने साथियों से बलबीर गिरि को बाघंबरी मठ के महंत के रूप में नियुक्त करने का आग्रह किया। नोट में साफ-साफ लिखा है कि ”हरिद्वार से सूचना मिली थी कि आनंद गिरि एक कंप्यूटर के जरिए एक लड़की के साथ मेरी फोटो जोड़कर मुझे बदनाम करेंगे… आनंद गिरि कहते हैं कि महाराज कब तक अपनी बेगुनाही साबित करते रहेंगे? जिस सम्मान के साथ मैं जी रहा हूं, अगर मेरी बदनामी हुई तो मैं समाज में कैसे रहूंगा? मरना बेहतर है इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं।”

इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी से अनुरोध किया है कि वे अनावश्यक बयान न दें और जांच एजेंसियों को अपना काम करने दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा और पुलिस ने मामले के संबंध में सबूत जुटा लिए हैं। राज्य सरकार ने नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का भी गठन किया है।

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