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B’Day Special : जब येसुदास को कहना पड़ा, ‘अब और अवॉर्ड मत देना’

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The Angle

जयपुर।

पद्मविभूषण विजेता लेजेंड्री सिंगर के जे येसुदास आज अपना 80वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उन्हें देशभर से शुभकामनाएं और बधाइयां मिल रही हैं। इन सब के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए, उनकी लंबी उम्र की कामना की है।

 

पीएम मोदी ने ट्विटर पर दीं शुभकामनाएं

हाल ही में नरेंद्र मोदी जी ने अपने ट्विटर हैंडल से येसुदास के जन्मदिन पर एक पोस्ट शेयर किया है। पीएम मोदी लिखते हैं, के जे येसुदास के 80वें जन्मदिन के खास मौके पर वर्सटाइल के जे येसुदास को शुभकामनाएं, उनकी मेलोडियस म्यूज़िक और आत्मा को छू जाने वाली आवाज़ ने सभी उम्र के लोगों के बीच उन्हें पॉपुलर बना दिया है, उन्होंने भारतीय कल्चर में अहम योगदान दिया है, मैं उनकी लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।

येसुदास के लिए ‘छोटी सी बात’ बन गई ‘बड़ी बात’

के जे येसुदास का जन्म 10 जनवरी, 1940 को फोर्ट कोच्चि में हुआ। उनका पूरा नाम काट्टश्शेरि जोसफ येसुदास है। उनका पहला प्रसिद्ध गाना 1961 में आया जो कि उन्होंने एक मलयालम फिल्म के लिए गाया था। यहां से येसुदास के प्लेबैक सिंगिंग करियर की शुरुआत हुई। लगभग एक दशक तक दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी आवाज देने के बाद 70 के दशक की शुरुआत में उन्हें हिंदी सिनेमा में अपना पहला ब्रेक मिला। हालांकि उन्होंने पहला हिंदी गाना फिल्म जय जवान जय किसान के लिए गाया था, लेकिन अमोल पालेकर अभिनीत फिल्म छोटी सी बात पहले रिलीज हुई। इस फिल्म में गाए उनके गीत जानेमन-जानेमन से वे हिंदी सिनेप्रेमियों के बीच खासे लोकप्रिय हो गए।

 

8 बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने का है रिकॉर्ड

इसके बाद 1976 में आई फिल्म चितचोर ने येसुदास को प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचा दिया। रविंद्र जैन के संगीत निर्देशन में उन्होंने इस फिल्म में काफी कमाल के गाने गाए। 1999 में यूनेस्को ने उन्हें संगीत के क्षेत्र में दिए उनके योगदान के लिए विशेष सम्मान से नवाज़ा। उनके नाम 8 बार बेस्ट प्लेबैक सिंगर मेल का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने का भी रिकॉर्ड है। इसके अलावा भारत सरकार भी उन्हें 1977 में पद्मश्री, 2002 में पद्मभूषण और 2017 में पद्मविभूषण से सम्मानित कर चुकी है। उन्हें इतने सम्मानों से नवाज़ा गया कि 1987 में तो उन्हें कह दिया था कि अब मुझे और अवॉर्ड न दें।

 

5 दशक के करियर में लगभग 50 हजार गानों को दे चुके हैं आवाज

येसुदास लगभग पांच दशकों से अपनी बहेतरीन आवाज़ से लोगों का दिल जीतते आए हैं। उन्होंने अब तक के अपने सिंगिंग करियर में विभिन्न भाषाओं में 50 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं। हिंदी के अलावा येसुदास ने मलयालम, तमिल और तेलुगू भाषा में भी गाने दिए हैं। येसुदास ने कई सारे धार्मिक गानों का भी कंपोजिशन किया है, जो कि काफी पॉपुलर हैं।

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