Home Politics सीएम गहलोत ने सचिवालय में ली जन अभाव अभियोग मामलों की बैठक,...

सीएम गहलोत ने सचिवालय में ली जन अभाव अभियोग मामलों की बैठक, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

32
0
मुख्यमंत्री कार्यालय में जन अभाव अभियोग मामलों की बैठक लेते सीएम अशोक गहलोत

The Angle

जयपुर।

जन अभाव अभियोग मामलों से जुड़ी एक बैठक लेने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सचिवालय पहुंचे। यहां अपने कार्यालय में उन्होंने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं को प्रभावी तरीके से निचले स्तर पर ही त्वरित रूप से निस्तारित किया जा रहा है, इससे मुख्यमंत्री तक पहुंचने वाली ऐसी शिकायतें पहले की तुलना में घटकर लगभग आधी रह गई हैं।

हेल्पलाइन 181 पर 2019 से अब तक दर्ज हुए 73 लाख प्रकरण, 98 फीसदी का हो चुका निराकरण

मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकायों और स्वायत्त शासन में भी लोगों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन की संकल्पना को तभी साकार माना जा सकता है, जब आमजन के जरूरी काम समय पर होने के साथ ही उनकी समस्याओं का त्वरित और उचित निस्तारण हो सके। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सम्पर्क पोर्टल, हेल्पलाइन 181, जनसुनवाई और अन्य माध्यमों से मिले प्रकरणों के निराकरण की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ समस्याओं के निराकरण कार्य को करें। बैठक में बताया गया कि हेल्पलाइन 181 पर 1 जनवरी 2019 से अब तक लगभग 73 लाख प्रकरण पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 71.60 लाख यानि 98 फीसदी से ज्यादा प्रकरणों का निस्तारण भी हो चुका है।

मुख्यमंत्री बोले- समस्याओं का समय पर निराकरण होने से जनता में सरकार के प्रति संतुष्टि का भाव

गहलोत ने हेल्पलाइन 181 के अधिक प्रचार-प्रसार के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का जल्द से जल्द और उचित निराकरण होने से प्रदेशवासियों में सरकार के प्रति संतुष्टि का भाव बढ़ा है। उन्होंने निर्देशित किया कि समस्याओं के निस्तारण की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।

अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन पहुंचाना सरकार का मुख्य ध्येय- सीएम

गहलोत ने अपराधों और कानून-व्यवस्था से संबंधित शिकायतों के प्रभावी और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि फरियादी को समयबद्ध रूप से न्याय मिलना सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनसाधारण की समस्याओं के समाधान के लिए ग्राम पंचायत स्तर तक जनसुनवाई की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है।

Previous articleएक दिवसीय जोधपुर दौरे पर पहुंचे सीएम अशोक गहलोत, गृह जिले से प्रदेशवासियों को दिया खास संदेश
Next articleनसीराबाद में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई 5 की मौत

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here