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कोरोना के बढ़ते मामलों से चिंतित पीएम ने बुलाई सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक, की कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालातों की समीक्षा

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द एंगल।

नई दिल्ली।

देशभर में एकबार फिर से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। इसे लेकर राज्य सरकारों से लेकर सरकार भी चिंतित और गंभीर है। इसी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 के मौजूदा हालात की समीक्षा और वैक्सीन वितरण की रणनीति को लेकर देश के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के अन्य प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद हैं। बता दें ये वीसी 2 चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण में सर्वाधिक प्रभावित 8 राज्यों के साथ प्रधानमंत्री बैठक कर रहे हैं। इनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, केरल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की।

वीसी में सीएम केजरीवाल ने केंद्र से की अतिरिक्त 1 हजार आईसीयू बेड्स की मांग

बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि दिल्ली में 10 नवंबर को कोरोना के 8 हजार 600 नए मामले सामने आए। 10 नवंबर के बाद से राज्य में दैनिक मामलों में गिरावट हुई है। उन्होंने कहा कि इसके बाद से दैनिक मामले और संक्रमण की दर लगातार कम हो रही है। केजरीवाल ने बैठक में पीएम मोदी से पराली जलाने को लेकर दखल की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों की बड़ी वजह प्रदूषण है। इसके पीछे का कारण पड़ोसी राज्यों में पराली का जलाया जाना है। उन्होंने केंद्र सरकार के अस्पतालों में कोरोना के तीसरी लहर तक अतिरिक्त 1 हजार आईसीयू बेड्स की मांग की।

वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रदेश में कोरोना महामारी को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी और कई अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी इस दौरान दिए।

गृह मंत्री शाह बोले- सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क की अनिवार्यता पर जोर दें राज्य

वीसी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, यूरोप-अमेरिका में एक बार फिर संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में हमें भी सावधानी बरतनी चाहिए। शाह ने राज्यों से कहा कि वे सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क की अनिवार्य पर जोर दें।  बता दें कि इस बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर शामिल रहे।

कोरोना वैक्सीन के देशभर में सुचारू वितरण पर भी हो सकती है चर्चा

बता दें देश में वैक्सीन बनाने वाली चार कंपनियां क्लीनिकल परीक्षण के दूसरे या तीसरे चरण में हैं। केंद्र की ओर से लगातार यह प्रयास भी हो रहे हैं कि जब भी कोरोना का टीका उपलब्ध होगा, उसके सुचारू वितरण की व्यवस्था हो सके। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री बैठक के दूसरे हिस्से में इसे लेकर भी सभी राज्यों से चर्चा कर सकते हैं। देश में वैक्सीन टास्क फोर्स भी जल्द ही बैठक करेगी, ताकि टीके की वैज्ञानिक स्थिति की समीक्षा की जा सके। टास्क फोर्स यह तय करेगी कि भारत को आपातकालीन प्राधिकरण के बारे में सोचना चाहिए कि नहीं। पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट, जो कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन बना रही है, भारत में आपातकालीन प्राधिकरण के लिए आवेदन करेगा।

ब्रिटेन में मंजूरी मिलते ही सीरम इंस्टीट्यूट यह काम करेगा। केंद्र सरकार सीरम इंस्टिट्यूट को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इमरजेंसी उपयोग को मंजूरी दे सकती है। इसे ब्रिटेन में मंजूरी मिलते ही भारत सरकार भी एसआईआई को मंजूरी दे देगी।

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