Home Business कोरोना संकट के बीच भी प्रदेशवासियों को राहत दे रहे गहलोत, अब...

कोरोना संकट के बीच भी प्रदेशवासियों को राहत दे रहे गहलोत, अब की ये बड़ी घोषणा

249
0

द एंगल।

जयपुर।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना महामारी से देश और प्रदेश पर पड़ रही मार के बीच प्रदेश के किसानों, उद्योगों एवं आमजन को संबल प्रदान करने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों, किसानों एवं घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली और पानी के बिल 2 माह के लिए स्थगित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही उन्होंने कृषि गतिविधियों के लिए किसानों को सहायता प्रदान करने जैसे कई फैसले लेकर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत दी है।

लघु, मध्यम एवं बड़ी औद्योगिक इकाइयों को बिजली बिल में राहत

राज्य सरकार ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों के विद्युत कनेक्शन के मार्च एवं अप्रैल माह के उपभोग के बिल 31 मई, 2020 तक स्थगित (डेफर) करने का फैसला किया है। इससे लघु, मध्यम एवं बड़ी औद्योगिक इकाइयों के करीब 1 लाख 68 हजार उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। इसी तरह व्यावसायिक यथा-पर्यटन से संबंधित प्रतिष्ठान, शोरुम, दुकान, होटल, वर्किंग हॉस्टल आदि के करीब 11 लाख कनेक्शनों के मार्च एवं अप्रैल माह के विद्युत बिलों के फिक्स्ड चार्ज को लॉकडाउन अवधि के अनुपात में 31 मई, 2020 तक डेफर किया गया है।

कृषि उपभोक्ताओं के बिजली बिल किए स्थगित

राज्य सरकार ने कोरोना महामारी से उत्पन्न संकट की इस घड़ी में किसानों को संबल देने के लिए कृषि उपभोक्ताओं के मार्च में जारी बिल तथा अप्रैल एवं मई में जारी होने वाले बिलों का भुगतान भी 31 मई, 2020 तक स्थगित किया है। इससे प्रदेश के करीब 13 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने ऐसे कृषि एवं घरेलू कनेक्शन जो बकाया राशि के कारण 31 मार्च, 2019 से पहले काटे गए थे, उनके लिए एमनेस्टी योजना की अवधि भी 30 जून, 2020 तक बढ़ा दी है। इससे किसानों को करीब 45 करोड़ रुपए की छूट का लाभ मिल सकेगा और उनके काटे गए कनेक्शन फिर चालू हो सकेंगे।

राज्य सरकार एक माह में करेगी 700 करोड़ के प्रीमियम का भुगतान

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार किसानों की परेशानी को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अगले एक माह में 700 करोड़ रुपए के प्रीमियम का भुगतान और करेगी, ताकि खरीफ-2019 तक के पूर्ण राज्यांश प्रीमियम का भुगतान हो सके और किसानों को लंबित क्लेम का भुगतान हो सके। पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार प्रीमियम के रूप में 2 हजार 34 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुकी है।

अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में किसानों को निःशुल्क देगी संकर मक्का के मिनिकिट

अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के 5 लाख किसानों को 5 किलोग्राम की दर से निःशुल्क संकर मक्का बीज के मिनिकिट वितरित किए जाएंगे। इस पर करीब 25 करोड़ रुपए का व्यय होगा। सूबे के प्रमुख बाजरा उत्पादक जिलों के 10 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को 0.4 हैक्टेयर क्षेत्र तक के लिए प्रति कृषक 1 किलो 500 ग्राम के संकर बाजरा बीज के मिनिकिट नि।शुल्क वितरित किए जाएंगे। इस पर करीब 30 करोड़ रुपए का व्यय होगा।

किसानों को किराए पर कृषि उपकरण उपलब्ध करवाएगी सरकार

आर्थिक रूप से कमजोर लघु एवं सीमांत किसानों को कृषि कार्यों में आ रही कठिनाई को देखते हुए इन किसानों को कृषि यंत्र निर्माता कम्पनियों से समन्वय कर फसल कटाई, थ्रेसिंग एवं अन्य कृषि गतिविधियों के लिए निःशुल्क ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध करवाए जाएंगे।

प्रदेश में 16 अप्रैल से प्रारम्भ होने वाले खरीफ फसली ऋण के तहत किसानों को 25 प्रतिशत ऋण बढ़ाकर दिया जाएगा। इस तरह खरीफ 2020 में करीब 8 हजार करोड़ रुपए का ऋण वितरित होगा। बढ़ी हुई राशि का लाभ सूबे के करीब 20 लाख किसानों को मिलेगा।

सूबे के आम उपभोक्ताओं के पानी के बिल किए स्थगित

इसके अलावा सूबे के समस्त आम उपभोक्ताओं को पेयजल बिलों के भुगतान से राहत प्रदान करते हुए मार्च माह एवं अप्रैल माह के बिलों का भुगतान स्थगित किया गया है। इनका भुगतान उपभोक्ता जून माह में कर सकेंगे। इस निर्णय से करीब 100 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रहण स्थगित होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here