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पेपर लीक मामले की सीबीआई से जांच नहीं करवाएगी सरकार, मंत्री शांति धारीवाल ने सदन में स्पष्ट की स्थिति

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The Angle

जयपुर।

विधानसभा में पेपर लीक मुद्दे पर बहस में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने भाग लिया। इसके बाद चर्चा पर संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने जवाब देते हुए विपक्ष की सीबीआई जांच की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया। धारीवाल ने कहा- इस मामले को अगर सीबीआई को दिया गया तो क्या होगा ? 8 साल तो इन्वेस्टिगेशन चलता रहेगा और जो सारे दस्तावेज हैं, वे सब सीबीआई ले जाएगी। फिर 15 साल तक भर्ती परीक्षाएं नहीं हो पाएंगी। स्टूडेंट्स का भविष्य खराब हो जाएगा।

धारीवाल ने दिया जवाब- सीबीआई की जांच की मांग को खारिज करता हूं

मंत्री धारीवाल ने आगे कहा कि पेपर लीक मामले में तेजी से जांच करवाई जा रही है और इसकी डे-टू-डे मॉनिटरिंग की जा रही है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे। हमारा कमिटमेंट है कि स्टूडेंट्स का भविष्य खराब न हो, इसलिए परीक्षा करवाकर भर्ती की जाएगी। राजस्थान पुलिस जांच करने में सक्षम है और सीबीआई जांच की मांग को खारिज करता हूं।

पेपर लीक पर बहस के दौरान हुआ हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने की बायकॉट की घोषणा

इससे पहले पेपर लीक पर बहस के दौरान जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पेपर लीक से जुड़े मामले में शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला के जवाब पर सवाल उठाते हुए इसके विरोध में बायकॉट करने की घोषणा की। इस पर धारीवाल ने कहा कि पहले पूरा जवाब सुनकर जाइए। धारीवाल के टोकने पर कटारिया नाराज हो गए और कहा कि क्या जवाब सुन लें। इसके बाद कटारिया और धारीवाल के बीच नोकझोंक हो गई। बीजेपी विधायकों ने भी हंगामा शुरू कर दिया। इस पर स्पीकर सीपी जोशी ने हंगामा बढ़ते देख पेपर लीक पर बहस को खत्म कर दिया और 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।

स्पीकर सीपी जोशी बोले- भर्ती प्रक्रिया से ज्यादा परीक्षाओं के पैटर्न पर चर्चा ज्यादा जरूरी

सदन की फिर से कार्यवाही शुरू होने के बाद पेपर लीक पर बहस शुरू हुई। स्पीकर जोशी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दिन स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होती, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए परंपरा तोड़कर पेपर लीक के स्थगन पर चर्चा की मंजूरी दी है। हमें भर्ती प्रक्रिया से ज्यादा परीक्षाओं के पैटर्न पर चर्चा की जरूरत है।

पेपर लीक मामले की जांच में राठौड़ ने सरकार पर लगाया पक्षपात का आरोप

बहस के दौरान उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा- पेपरलीक मामले की जांच में सरकार पक्षपात कर रही है। कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक हुए, वे स्कूल कांग्रेस नेताओं के थे, आज तक उन स्कूलों की मान्यता खत्म नहीं की। झोटवाड़ा की दिवाकर स्कूल का नाम कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में पेपर लीक करने में आया था, उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। एसआई परीक्षा में जागृति स्कूल जयपुर के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की। यह स्कूल कांग्रेस नेता का है, इसलिए कार्रवाई नहीं की। इस तरह दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। एंटी चीटिंग बिल के नाम पर कुछ लोगों पर कार्रवाई करना और कुछ को छोड़ देना, यह पक्षपात किया जा रहा है। इस सरकार को युवा की आह खा जाएगी।

पेपर लीक को लेकर बोले राजेंद्र राठौड़- कहीं बिल्ली को तो दूध की रखवाली करने का जिम्मा नहीं सौंप दिया ?

राठौड़ ने कहा- आप यूपी की बात कर रहे थे, यूपी में पेपर लीक करने पर एनएसए लगता है आप भी लगाओ। इस बार आरपीएससी से पेपर आउट हुआ है। आरपीएससी ही प्रश्न का सिलेक्शन करने वाला है। केवल आरपीएससी चेयरमैन को ही पता होता है कि पेपर कहां से प्रिंट होता है। कहीं बिल्ली को तो दूध की रखवाली करने का जिम्मा नहीं सौंप दिया। टेक्निकल हेल्पर की परीक्षा में एक ही सेंटर से 50 स्टूडेंट पास हुए। शिक्षक भर्ती का पेपर लीक करने वाला सुरेश ढाका और उसका साथी यूथ कांग्रेस के चुनाव में साइबर हैकिंग करके मुकेश भाकर को हरवाकर चहेते उम्मीदवार को चुनाव जितवाया था। ये तार तो कहीं के कहीं जुड़ रहे हैं।

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