Home Business जेएनयू विवाद दीपिका पादुकोण को पड़ा महंगा, विज्ञापन कंपनियों ने खींचे हाथ

जेएनयू विवाद दीपिका पादुकोण को पड़ा महंगा, विज्ञापन कंपनियों ने खींचे हाथ

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दीपिका

दा एंगल।
मुंबई।
दीपिका पादुकोण ने कभी यह नहीं सोचा होगा कि उनको जेएनयू में जाना इतना महंगा पड़ जाएगा। जेएनयू में वे अपनी फिल्म छपाक के प्रमोशके लिए गई थी। वहां पर उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन और उनके साथ फोटो भी खिंचाई थी। इसके बाद तो यह मुद्दा राजनीतिक बन गयाा।

फिल्म छपाक पर भी पड़ा असर

दीपिका के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जाने पर भाजपा ने उनके आड़े हाथों लिया। उन्होंने लोगों से उनकी फिल्म देखने जाने से भी मना कर दिया। वहीं विपक्ष ने उनके वहां जाने का समर्थन किया। उनके वहां जाने के बाद से उनकी फिल्म छपाक को भी इसका नुकसान झेलना पड़ा और फिल्म उस हिसाब से कलेक्शन नहीं कर पा रही जैसा कि उसको करना था।

दीपिका के कम हुए विज्ञापन

इसके साथ ही इसका असर दीपिका व्यावसायिक पर भी पड़ा है। दरअसल, विज्ञापनों और फिल्मों के लिए मोटी पेमेंट पाने वालीं दीपिका से अपने जुड़ाव को लेकर बड़े ब्रैंड्स अब सतर्कता बरतने लगे हैं। कुछ ब्रैंड्स के मुताबिक, वे दीपिका वाले अपने विज्ञापनों को फिलहाल के लिए कम दिखा रहे हैं।

दीपिका ब्रिटानिया के गुड डे, लॉरियल, तनिष्क, विस्तारा एयरलाइंस और एक्सिस बैंक सहित 23 ब्रैंड्स के लिए विज्ञापन करती हैं। बताया जाता है कि एक फिल्म के लिए वह 10 करोड़ रुपये और विज्ञापन के लिए 8 करोड़ रुपये लेती हैं।

कंपनियां नहीं चाहती नुकसान

दीपिका पादुकोण के इस कदम के बाद अब कंपनियां अपने ब्रांड को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहती है। ऐसा पहले भी हो चुका है, जब फिल्मी सितारों ने किसी राजनीतिक मुद्दे पर अपने विचार रखे हैं और इसके बाद सितारों के साथ ही ब्रांड का भी बहिष्कार शुरू हो गया हो।

आने वाले समय में विज्ञापनों के करारों में इस तरह के क्लॉज जोड़े जा सकते हैं, जिनमें किसी सिलेब्रिटी के राजनीतिक रुख तय करने से प्रशासन के नाराज हो सकने वाले जोखिम का जिक्र होगा। एक मीडिया बाइंग एजेंसी के एग्जिक्यूटिव ने कहा कि मझोले आकार के एक ब्रैंड ने हमसे कहा है कि दीपिका वाले उसके विज्ञापन करीब दो हफ्तों के लिए रोक दिए जाएं। उम्मीद है कि तब तक विवाद ठंडा पड़ जाएगा।

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