Home Business जानिए एलआईसी के आईपीओ से क्या होगा बीमाधारकों पर असर !

जानिए एलआईसी के आईपीओ से क्या होगा बीमाधारकों पर असर !

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The Angle

नई दिल्ली।

देश की की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurence Corporation- LIC) का IPO (Initial Public Offering) अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में आ सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में 1 फरवरी को पेश किए देश के आम बजट में एलआईसी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने का प्रस्ताव पेश किया था। इसको लेकर पिछले दिनों एलआईसी कर्मचारियों ने लंचटाइम में आधे घंटे की हड़ताल भी की थी। ऐसे में LIC की हिस्सेदारी की बेचे जाने की घोषणा के बाद बीमाधारकों में भी तमाम तरह की आशंकाएं हैं। इन आशंकाओं को दूर करने के लिए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है, कि सरकार LIC को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करते समय इसके पॉलिसीधारकों के हितों की पूरी सुरक्षा का प्रबंध करेगी।

 

एलआईसी के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी

ठाकुर ने कहा शेयर बाजार में सूचीबद्धता से एलआईसी के संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी और शेयर बाजार का विस्तार भी होगा। उन्होंने कहा, ‘ सरकार ने (एलआईसी को सूचीबद्ध कराने का) एक विचार प्रस्तुत किया है। ब्योरा बाद में आएगा और यह एलआईसी और इसके पालिसीधारकों के हक में ही होगा।

 

2.10 लाख करोड़ रुपए के विनिवेश का लक्ष्य

एक सवाल के जवाब में अनुराग ठाकुर ने कहा, कि एलएआईसी के शेयरों की बिक्री की योजना जब तैयार हो जाएगी, तो इसका विवरण सबके सामने आ जायेगा। सरकार ने अगले वित्त वर्ष 2020-21 में 2.10 लाख करोड़ रुपए के विनिवेश का लक्ष्य रखा है। जिसमें से करीब आधा पैसा एलआईसी और आईडीबीआई बैंक के शेयरों की बिक्री से आ सकता है। एलआईसी के पूरे के पूरे शेयर अभी सरकार के हाथ में है। वहीं आईडीबीआई बैंक में सरकार का हिस्सा 46.5 प्रतिशत है।

 

‘किसान रेल और किसान उड़ान से किसानों को होगा फायदा’

ठाकुर ने 2020-21 के बजट को ‘जन-जन’ का बजट बताया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुना करना सरकार की अगले 2 साल की बड़ी प्राथमिकता है। किसान रेल और किसान उड़ान से जल्दी खराब होने वाली कृषि उपजों को देश में एक कोने से दूसरे कोने में जल्द से जल्द पहुंचाने की सुविधा की जाएगी। इससे फसलों को खराब होने से बचाया जा सकेगा और किसानों को फायदा होगा। वहीं सरकार ने कृषि कर्ज का लक्ष्य बढ़ाकर 15 लाख करोड़ रुपए कर दिया है।

 

स्टार्टअप और कौशल विकास से बढ़ेंगे युवाओं के लिए अवसर- ठाकुर

उन्होंने कहा कि बजट में स्टार्टअप, शिक्षा, कौशल विकास जैसे कई कार्यक्रमों से युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे। सरकार लघु और मझोले क्षेत्र के उद्यमों की कर्ज की समस्या को देखते हुए संकटग्रस्त ऋण खातों के पुनर्गठन के लिए दिए गए अवसर को एक साल के लिए बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक जारी रखने का अनुरोध किया गया है।

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