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और महंगा होने जा रहा है आपका फ़ोन बिल, फ्री सेवाएं होगी बंद

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महंगा

द एंगल।

नई दिल्ली।

सबसे पहली कॉल और इंटरनेट फ्री करने वाली कंपनी जिओ ने तीन महीने सब कुछ फ्री करने के बाद अन्य कंपनियों ने भी अपने सभी प्लान्स को मुफ्त या सस्ते कर दिए थे। लेकिन फिर अधिकतर टेलीकॉम कंपनियों को मुफ्त करना भारी पड़ गया। देश की जानी मानी जाने वाली टेलीकॉम कंपनियां घाटे में चली गई।

सब कुछ फिर से होगा महंगा –

अब ये टेलीकॉम कंपनियां सब कुछ फिर से महंगा करने जा रहे है। सस्ती कॉल और डाटा का दौर जल्द खत्म होने वाला है। इसका अंदेशा भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने करा दिया है। TRAI कॉल और डेटा के लिए न्यूनतम शुल्क दर तय करने की उद्योग की मांग पर विचार कर सकता है। इससे दूरसंचार उद्योग की वहनीयता सुनिश्चित हो सकेगी। दूरसंचार नियामक पूर्व में न्यूनतम शुल्क दर या शुल्क दर की सीमा तय करने के लिए हस्तक्षेप से इनकार करता रहा है।

ट्राई के रुख में यह बदलाव भारती एयरटेल के प्रमुख सुनील मित्तल द्वारा बुधवार को दूरसंचार सचिव से मुलाकात के बाद आया है। मित्तल ने दूरसंचार सचिव से डेटा के लिए न्यूनतम शुल्क या न्यूनतम दर तय करने की मांग की है।

ई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने एवीआईए इंडिया वीडियो-360 के कार्यक्रम में कहा कि दूरसंचार शुल्क पिछले 16 साल से कठिन परिस्थितियों में भी नियंत्रण में रहे हैं और यह बेहतर तरीके से काम करते रहे हैं। और अब नियामक उद्योग की न्यूनतम शुल्क तय करने की मांग पर गौर कर रहा है। मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो द्वारा नि:शुल्क वॉयस कॉल और सस्ते डेटा की पेशकश से उद्योग में काफी अफरातफरी रही। उसके बाद अन्य कंपनियों को भी शुल्क दरें कम करनी पड़ीं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आया प्रस्ताव –

ट्राई के चेयरमैन ने बताया कि दूरसंचार कंपनियों ने 2017 में नियामक को न्यूनतम मूल्य तय करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस समय यह निष्कर्ष निकला था कि यह एक खराब विचार है। सुप्रीम के 24 अक्टूबर के फैसले में दूरसंचार कंपनियों के सांविधिक बकाए की गणना में गैर दूरसंचार राजस्व को भी शामिल करने के सरकार के कदम को उचित ठहराए जाने के बाद यह प्रस्ताव फिर आया है। इस फैसले के बाद भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अन्य दूरसंचार कंपनियों को पिछले बकाया का 1।47 लाख करोड़ रुपये चुकाना है।

बता दें कि भारती एयरटेल के प्रमुख सुनील मित्तल ने बुधवार को दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश से मुलाकात के बाद कहा था कि न्यूनतम शुल्क तय करना काफी महत्वपूर्ण होगा। उनका कहना है कि शुल्क दरों को बढ़ाने और उद्योग को व्यावहारिक बनाने की जरूरत है।

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