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मैराथन बैठक में बोले पीएम, ‘नीतियों में खामी तो हम सुधार के लिए तैयार’

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The Angle

जयपुर।

मोदी सरकार लंबे समय से गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। उधर जल्द ही मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट भी पेश होने वाला है। इसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मैराथन बैठक की। बैठक के बाद अर्थशास्त्री चरण सिंह का कहना है, कि ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च बढ़ाए जाने की जरूरत है, ना कि इनकम टैक्स में रियायत देने की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा है, कि अगर सरकार की नीति में कोई खामी है, तो अर्थशास्त्री उसे लेकर उन्हें सुझाव दें, वे सुधार करने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री के इस विचार का सभी अर्थशास्त्रियों ने स्वागत किया है। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए उपायों और अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा के लिए, नीति आयोग में अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ बैठक की है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब मौजूदा वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर के 5 प्रतिशत से भी नीचे रहने की आशंका जताई जा रही है।

 

बैठक में क्या रहा ?

बैठक के बाद उद्योगपति अरविंद मेलिगिरी ने बताया, कि विभिन्न सेक्टर से जुड़े लोगों ने प्रधानमंत्री को अलग-अलग सुझाव दिए हैं। उन्होंने बताया कि “प्रधानमंत्री ने हम सभी के सुझाव बहुत सकारात्मक तरीके से सुने। मैंने भी प्रोजेक्ट की मंजूरी को और सरल बनाने पर सुझाव दिया है”।

 

देश के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ भी की थी बैठक

बता दें इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की थी। बैठक में रतन टाटा, मुकेश अंबानी और गौतम अडानी समेत 11 बिजनेस शामिल हुए थे। इस दौरान आर्थिक विकास दर और रोजगार के मौके बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई थी।

बैठक में केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री के अलावा गृहमंत्री अमित शाह और अन्य मंत्रियों के अलावा नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद् के चेयरमैन बिबेक देबरॉय भी इस बैठक में मौजूद थे।

 

वित्त मंत्री के लिए आर्थिक वृद्धि को पटरी पर लाना होगी बड़ी चुनौती

गौरतलब है कि इन दिनों सरकार 2020-21 के लिए बजट प्रस्ताव तैयार करने में जुटी हुई है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना दूसरा आम बजट पेश करेंगी। इसमें देश की आर्थिक वृद्धि को फिर से पटरी पर लाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।

बता दें कि वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के 5 फीसदी होने का अनुमान लगाया गया है। पिछले साल यानि वित्त वर्ष यह 2018-19 के दौरान यह 6.8 फीसदी थी। सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी थी।

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