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बैर बढ़ाती राजनीति मेल कराता कोरोना

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द एंगल।

जयपुर।

आपने कई बार देखा होगा कि अगर घर में किसी बात पर झगड़ा हो जाए और आसपास के लोग उसमें आकर दखल देने लगें, तो घरवाले कहते हैं कि तुम्हें हमारे घर के मामले में कुछ भी कहने की जरूरत नहीं। ये हमारे आपस का मामला है। इसे हम ही संभाल लेंगे। हम घर में चाहे जितना लड़ लें लेकिन इसमें किसी बाहर वाले को बोलने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है। कुछ ऐसा ही नज़ारा आज देश में भी देखने को मिल रहा है। कोरोना वायरस की वजह से जहां पूरे देश में खौफ का माहौल है, वहीं राजनीतिक गलियारों में आपसी वैमनस्य और द्वेष की जगह आपसी सहयोग और सामंजस्य का भाव देखने को मिल रहा है। बात चाहे केंद्र की हो या राज्यों की, सभी जगह इस तरह के नजारे देखे जा सकते हैं।

कोरोना प्रकोप : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की पीएम मोदी की सराहना

हाल ही में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोरोना वायरस से बचाव और इसे नियंत्रित करने को लेकर केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार की खुले दिल से सराहना की। सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने इस पत्र में देशभर में लागू किए गए 21 दिन के लॉकडाउन का समर्थन किया है। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टर्स और अर्द्धचिकित्सकों की रक्षा करने और आपूर्ति श्रृंखला को आसान बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही। सोनिया ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी कोरोना वायरस के कारण पैदा हुए इस संकट से निपटने के लिए पूरी तरह से सरकार के साथ खड़ी है।

कोरोना प्रकोप : नेता प्रतिपक्ष ने भी मुख्यमंत्री के प्रयासों को सराहा

इसी तरह अगर राजस्थान की बात की जाए तो यहां भी सूबे के मुखिया अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस की गंभीरता को समय रहते भांपते हुए कई आवश्यक महत्वपूर्ण कदम उठाए। इनमें सबसे पहले राज्य में लॉकडाउन घोषित करना, धारा 144 घोषित करना, कोरोना संदिग्धों की समय पर स्क्रीनिंग, कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आइसोलेशन वार्ड बनाकर इलाज करना, प्रदेश में बाहरी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाना, लोगों को भोजन सहित आवश्यक चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कोविड-19 राहत कोष की स्थापना जैसे कई कदम शामिल हैं। कोरोना प्रकोप को लेकर लिए गए इन तमाम फैसलों के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने जहां मुख्यमंत्री गहलोत के इन कदमों की जमकर सराहना की, वहीं सत्ता पक्ष के साथ ङी विपक्ष के नेताओं ने भी जनहित में कोविड-19 राहत कोष में खुलकर सहयोग किया।

कोरोना प्रकोप : मदद को आगे आए तेजस्वी यादव

बात बिहार की करें तो यहां केंद्र में एनडीए गठबंधन के सहयोगी और जदयू नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार है। यहां भी कोरोना प्रकोप के चलते राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी बिना समय गंवाए अपना एक माह का वेतन कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए देने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से यह भी अपील की कि अगर सरकार चाहे तो उन्हें नेता प्रतिपक्ष के नाते मिले राजकीय आवास का उपयोग कोरोना पीड़ितों को रखने के लिए किया जा सकता है।

इन स्थितियों को देखकर लगता है कि चाहे कोई भी बाहरी आपत्ति हमारे देश पर आए, फिर चाहे वो मानवीय हो कोरोना वायरस जैसी कोई महामारी,पूरा देश डटकर उसका मुकाबला करने के लिए एकसाथ खड़ा हुआ है, फिर राजनीतिक रूप से कितने ही मतभेद क्यों न हों।

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