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रेल मंत्री ने उद्धव ठाकरे के आरोपों को नकारा, बोले- जितनी ट्रेनें मांगेंगे उतनी ट्रेनें देंगे

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द एंगल।

नई दिल्ली।

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। उद्धव ठाकरे ने रेलवे पर राज्य को पर्याप्त रेल उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। एक निजी चैनल से बातचीत में केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार श्रमिकों की चिंता करने का महज़ दिखावा कर रही है। “रविवार से पहले 65 बार, जो 65 रेल हम लगाते थे, वे यात्री नहीं ला पाते थे और वो ट्रेन हमें रद्द करनी पड़ी थीं।”

महाराष्ट्र सरकार ने मांगने पर भी नहीं दी ट्रेनों की जानकारी- पीयूष गोयल

रेलमंत्री ने कहा कि 24 मई को करीब 7 बजे 125 ट्रेनें देशभर से चलाना शुरू कर दिया था और महाराष्ट्र सरकार से लिस्ट मांगी। “7 बजे से 12.30 बजे तक मैं और मेरे अधिकारी लिस्ट मांगते रहे लेकिन उनके यहां से कोई जानकारी नहीं मिली। इतने समय बाद भी उनके यहां से मात्र 46 रेल की जानकारी मिली। उसमें से भी 5 ट्रेन पश्चिम बंगाल और ओडिशा की थी, जहां चक्रवात के कारण ट्रेन नहीं जा रही हैं अभी। पूरी तरह से महाराष्ट्र की सरकार बेनकाब हुई है और आज भी हम उनकी तरफ से जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं। अभी भी वे जितनी ट्रेनें मांगें, हम उतनी देने को तैयार हैं।”

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ममता सरकार पर बोला तीखा हमला

विपक्ष पर हमलावर होते हुए रेलमंत्री ने कहा, “ममता बनर्जी अपने लोगों को वापिस नहीं आने दे रहीं हैं। केरल के मुख्यमंत्री ने अपनी शर्तों की इतनी लंबी लिस्ट बना कर दी। इसके बिना वो कोई ट्रेन नहीं आने देंगे। इन सब सरकारों को जवाब देना पड़ेगा कि वे ट्रेन क्यों नहीं ले रहे हैं।”

शरद राव जी ने प. बंगाल सरकार से बात कर सुलझवाया मामला- पीयूष गोयल

उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में एनसीपी ने भी केंद्र सरकार का साथ दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीयूष गोयल ने कहा की शरद राव के साथ वो लगातार संपर्क में थे जबकि महाराष्‍ट्र सरकार संपर्क नहीं रख रही है। “लगातार इस समय में शरद जी के साथ मेरा संपर्क बना रहा है, जब बंगाल के श्रमिक बांद्रा पहुंच गए, तब हमने जल्द से जल्द ट्रेन की व्यवस्था कराई लेकिन बंगाल की सरकार श्रमिकों को वापिस बुलाने को लेकर राज़ी नहीं थी। मैंने शरद जी की मदद ली और उन्होंने ही बंगाल की सरकार से बात करके मामला सुलझाया।”

संघीय ढांचे के तहत राज्य सरकारों को ही लेना होगा निर्णय- पीयूष गोयल

मज़दूरों को लेकर चूक पर पर सब चिंतित हैं, लेकिन क्या केंद्र सरकार अपनी ताकत का इस्तेमाल करके मज़दूरों को नहीं बुला सकती? इस पर बात करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि संघीय ढांचे में राज्य सरकार को ही निर्णय लेना होगा और केंद्र सरकार को बताना होगा कि उनसे नहीं संभल रहा और उन्हें मदद की ज़रूरत है। देशभर में रेलवे 700 ज़िलों से ट्रेन चलाने को तैयार है।

बता दें 19 मई को रेल मंत्रालय ने कहा था कि अब रेलवे ने कहा है कि ट्रेनों के संचालन के लिए संबंधित राज्यों की अनुमति की जरूरत नहीं है। इसे लेकर गृह मंत्रालय ने प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए इन ट्रेनों को चलाने के लिए रेलवे के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी की थी।

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