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उपचुनाव से पहले मतदाताओं को लुभाने की कोशिश, शिवराज कैबिनेट ने किए ये बड़े ऐलान

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द एंगल।

भोपाल।

भारतीय निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, नगालैंड, मणिपुर समेत कई प्रदेशों की 56 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। इन विधासभा सीटों पर 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 10 नवंबर को गिनती की जाएगी। हालांकि, चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की 7 सीटों पर उपचुनाव नहीं होगा। इसके अलावा बिहार से लोकसभा की एक सीट वाल्मीकि नगर पर भी उपचुनाव होगा। यहां मतदान 7 नवंबर को होगा तथा मतों की गिनती 10 नवंबर को होगी।  इसके साथ ही मणिपुर की 4 विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव 7 नवंबर को होगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किए कई बड़े ऐलान

इन तारीखों के ऐलान करने से पहले पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने कैबिनेट में उपचुनाव वाली सीटों को लेकर बड़े फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने आज अस्पतालों के उन्नयन को लेकर कैबिनेट में मंजूरी दे दी है। गोहद, गैरतगंज, बदनावर, सुसनेर, आगर मालवा, इछावर, सिलवानी में अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने और सांची में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बनाए जाने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा जबलपुर, मुरैना के जोरा और बड़ा मलहरा में सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

शिवराज कैबिनेट ने परिवहन निगम के 15 माह से अटके वेतन को दी मंजूरी

इनके अलावा आज मंगलवार को हुई बैठक में कई और अहम फैसले किए। इसके तहत प्रदेश में परिवहन निगम के कर्मचारियों को लंबित वेतन देने को मंजूरी दी गई है। इन कर्मचारियों का वेतन 15 महीनों से अटका हुआ था। इसके साथ ही प्रदेश में मुरैना नगर निगम में चंबल पेयजल आवर्धन योजना को मंजूरी दी गई है। यही नहीं कंप्यूटराइजेशन योजना के तहत प्रदेश के 17 हजार पटवारियों को लैपटॉप भी दिए जाएंगे।

मंत्री नरोत्तम शर्मा बोले- पिछड़ा वर्ग आयोग को मिलेगा संवैधानिक दर्जा

कैबिनेट ने यात्री बस संचालन में बस मालिकों को टैक्स में छूट देने का फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक के बाद प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का फैसला कैबिनेट ने किया है। आयोग में केंद्र की तरह अधिकार देने का फैसला लिया गया है। आयोग में एक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत कुल तीन सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। आयोग को अधिकारियों को बुलाने का अधिकार होगा।

सरकार किसानों को हर साल देगी दस हजार रुपए

कैबिनेट ने किसानों को भी सौगात देने का फैसला किया है। सरकार कृषक कल्याण योजना के तहत किसानों को अब हर साल दस हजार रुपए देगी। इस योजना से अब तक 80 लाख किसानों को जोड़ा जा चुका है। योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार की राशि मिलाकर हर साल आठ हजार करोड़ किसानों के खाते में जमा होंगे। 5 साल में योजना के तहत 40 हजार करोड़ रुपए मध्य प्रदेश सरकार की ओर से खर्च किए जाएंगे।

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