Home Entertainment शूटर दादी चंद्रो तोमर का 89 साल की उम्र में हुआ निधन

शूटर दादी चंद्रो तोमर का 89 साल की उम्र में हुआ निधन

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शूटर दादी चंद्रो तोमर (फाइल इमेज)

The Angle

एंटरटेनमेंट डेस्क।

यूपी के एक गांव में रहने वाली बुजुर्ग महिला ने 60 पार की उम्र में जब पहली बार हाथ में शूटिंग पिस्टल थामी, तब किसी को इस बात का अंदाज़ा भी नहीं रहा होगा कि ये दादी हरि भजन करने की उम्र में अपना एक अलग मुकाम हासिल कर सकती है। सुनने में ये सब किसी फिल्मी कहानी जैसा लगता है, और लगे भी क्यों नहीं, हमारे भारतीय समाज की संरचना ही कुछ इस तरह की है कि अगर बुढ़ापे में कोई नया हुनर अपनाने की बात करे और वो भी कोई महिला, तो ये बात पुरुष प्रधान समाज में आसानी हज़म नहीं होती। यूपी की चंद्रो तोमर और उनकी बहन प्रकाशी तोमर ने इस फिल्मी कहानी को सच कर दिखाया, जब 65 साल की उम्र में अपनी पोतियों को निशानेबाजी करते देखा और फिर खुद ने भी हाथ में पिस्टल थमा ली।

शूटर दादियों पर अनुराग कश्यप ने बनाई फिल्म सांड की आंख

लेकिन ये सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, बल्कि दोनों शूटर दादियों ने 30 से ज्यादा राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में पदक जीते और ख्याति हासिल की। जब इसकी खबर बॉलीवुड तक पहुंची तो निर्देशक अनुराग कश्यप ने तापसी पन्नू और भूमि पेडणेकर को मुख्य भूमिकाओं में लेते हुए उनपर फिल्म बनाकर उनकी सफलता की दास्तां को घर-घर तक पहुंचा दिया। फिल्म थी सांड की आंख, यानि बुल आई। बता दें शूटिंग टार्गेट में जो केंद्र बिंदु होता है, उसे बुल आई कहा जाता है। इस पर निशाना साधने वाले खिलाड़ी को पूरे अंक मिलते हैं। इससे पहले अभिनेता आमिर खान ने दोनों शूटर दादी की कहानी से प्रभावित होकर उन्हें अपने शो सत्यमेव जयते में भी बुलाया था।

89 साल की उम्र में हुआ दादी चंद्रो तोमर का निधन

दादियों के हौसले की कहानी सुनकर न जाने कितनी अन्य दादियों और उनके पोते-पोतियों में भी कुछ कर गुज़रने का जज़्बा जागा। लेकिन देश के हजारों-लाखों लोगों की प्रेरणा रहीं दादी चंद्रो और प्रकाशी तोमर में से चंद्रो तोमर 89 साल की उम्र में आज इस असार संसार से विदा लेकर अनंत यात्रा पर निकल गईं। उन्होंने मेरठ के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। दादी कोरोना से संक्रमित थीं, लेकिन उनके परिवारजन ने उनके निधन का कारण ब्रेन हेमरेज बताया। कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक अपने नाम करने वाली चंद्रो और प्रकाशी तोमर दादी को दुनिया की सबसे उम्रदराज निशानेबाज माना जाता है। शूटर दादी ने वरिष्ठ नागरिक वर्ग में कई पुरस्कार भी हासिल किए, जिनमें नारी शक्ति सम्मान भी शामिल है, जिसे स्वयं राष्ट्रपति ने भेंट किया था।

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