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SMS स्टेडियम में सीएम गहलोत ने फहराया तिरंगा

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जयपुर.देश का 73वां स्वतंत्रता दिवस राजस्थान प्रदेश में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. दिल्ली में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया  वहीं राजस्थान में राज्य स्तरीय स्वाधीनता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के सवाई मानसिंह (sms) स्टेडियम में ध्वजारोहण किया . इस अवसर पर सीएम गहलोत ने अपने संबोधन में प्रदेशवासियों को स्वाधीनता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन नाम अनाम शहीदों को याद करने का दिन है. आज वीर जवानों को याद करने का दिन है. उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें हमारी विविधतापूर्ण संस्कृति पर गर्व है.

SMS स्टेडियम में मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि दुनिया के महान वैज्ञानिक आइंस्टाइन ने कहा था कि आने वाली पीढ़ियों को विश्वास ही नहीं होगा कि महात्मा गांधी नाम का एक हाड़ मास का व्यक्ति इस धरती पर कभी चला है. यह विश्वास नहीं होगा आने वाली पीढ़ी को.

 

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आज के दिन जब हम लोग उन्हें याद करते हैं, जिन्होंने आजादी के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया. हमारी पहचान दुनिया के 200 मुल्कों में अलग बनी हुई है. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जा रही है, उन्होंने अहिंसा के जरिए इस मुल्क को आजाद करने का बीड़ा उठाया. 8 अगस्त 1942 को करो या मरो का नारा दिया था, पूरी दुनिया ने गांधीजी का लोहा माना. सरकार ने 1 साल तक गांधी जयंती मनाने का फैसला किया.

आजादी का लंबा इतिहास:
गहलोत ने पाकिस्तान के पीएम का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बार-बार सैन्य शासन और लोकतंत्र की हत्या होती रही. वहीं भारत में हमेशा लोकतंत्र कायम रहा. इंदिराजी ने बांग्लादेश आजाद करवाया, यह कम उपलब्धि नहीं है. देश के लिए इंदिराजी राजीव गांधी शहीद हो गए. बेअंत सिंह ने आतंकवाद को नेस्तनाबूद किया, उन्हें बम से उड़ा दिया गया, आजादी का लंबा इतिहास है.

मानसून के लिए बधाई:
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि एक जमाना था, जब लोगों को पता नहीं था बिजली क्या होती है? आज राजस्थान में 22000 मेगावाट बिजली पैदा होती है. पंडित नेहरू ने भाखड़ा पोंग डेम की परिकल्पना की, इसरो एनडीए आईआईटी आदि संस्थाएं बनीं. 2014 में माहौल बनाया कि उस समय से ही सबकुछ हुआ, लेकिन यह उपलब्धि ऐसे ही हासिल नहीं हुई. मैं मानसून के लिए बधाई देता हूं, मानसून पर अर्थव्यवस्था निर्भर है. पानी 1 प्रतिशत के आसपास है. भूजल दोहन से राजस्थान में डार्क जोन बन गए. राजस्थान अब 30-40 वर्ष पहले वाला राज्य नहीं रहा. उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि प्रदेश में आईआईटी, एम्स आ गया.

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