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किसी और ही दिशा में जा रहा है कंगना रनौत और उद्धव सेना के बीच का विवाद !

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द एंगल।

फैज़ाबाद/मुम्बई।

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मर्डर या सुसाइड, इसे लेकर शुरु हुई बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और शिवसेना के बीच की जंग न सिर्फ दिनोंदिन बढ़ती जा रही है, बल्कि एक नया मोड़ ले चुकी है। कंगना के समर्थन में उतरे अयोध्या में संतों ने उद्धव ठाकरे का विरोध करना शुरू कर दिया है। संतों और विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि उद्धव अयोध्या न आएं। यहां आने पर उनका स्वागत नहीं होगा, बल्कि उन्हें विरोध झेलना पड़ेगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने भी कंगना रनौत को देश की बेटी बताया है। उन्होंने भी उद्धव ठाकरे को अयोध्या न आने की धमकी दी है।

महंत नरेंद्र गिरी बोले- डरे हुए हैं माफिया

महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि कंगना रनौत बहादुर और हिम्मत वाली बेटी हैं, जिन्होंने बॉलीवुड के माफियाओं और ड्रग माफियाओं के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। उन्होंने निडर होकर बॉलीवुड में एक विशेष समुदाय के वर्चस्व के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है। इससे न केवल बॉलीवुड के माफिया डर गए हैं, बल्कि सरकार के भी कदम उखड़ रहे हैं।

‘कंगना का दफ्तर गिराया, साधुओं की हत्या मामले में ऐक्शन नहीं’

वहीं हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने कहा कि सरकार ने बिना समय दिए कंगना का दफ्तर गिरा दिया और पालघर में साधुओं की हत्या मामले में कोई सख्त एक्शन नहीं लिया। महंत कन्हैया दास ने कहा कि उद्धव ठाकरे का अयोध्या में स्वागत नहीं है। अव शिवसेना वह नहीं रही, जो कभी बालासाहेब ठाकरे के अधीन हुआ करती थी।

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम फडणवीस भी जंग में कूदे

उधर इस जंग को पूरी तरह से सियासी रंग देने के लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इसमें कूद पड़े हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने उद्धव सरकार और शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा, ‘कंगना रनौत के मामले को आपने (शिवसेना) ने हद से ज्‍यादा तूल दिया है। वह कोई नेता नहीं है। आप दाऊद का घर तो तोड़ने गए, नहीं लेकिन आपने उसका बंगला तोड़ दिया।’ इससे कुछ दिन पहले फडणवीस ने बीएमसी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हिंदी में एक ट्वीट में किया था, कि यह एक तरह से राज्य में ‘सरकार द्वारा प्रायोजित आतंक’ है।

रामदास अठावले ने दिया कंगना को राजनीति में आने का न्यौता

इस विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। आठवले ने कंगना रनौत के दफ्तर पर बीएमसी की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए राज्यपाल से मुआवजे की मांग की। इससे पहले गुरुवार को रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के चीफ रामदास आठवले ने कंगना से उनके आवास पर करीब 1 घंटे तक मुलाकात की थी। आठवले ने कंगना को सुरक्षा का वादा करते हुए कहा था कि अगर वे राजनीति में आना चाहती हैं तो बीजेपी और RPI उनका स्वागत करेगी।

कंगना ने सोनिया गांधी की चुप्पी पर भी खड़े किए सवाल

उधर अभिनेत्री ने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। कंगना ने ट्वीट करते हुए कहा कि एक महिला होने के नाते क्या उन्हें तकलीफ नहीं होती कि कंगना के साथ महाराष्ट्र सरकार ऐसा सुलूक कर रही है ? कंगना ने सवाल किया, क्या आप अपनी पार्टी से नहीं कह सकतीं कि वह संविधान के सिद्धांतों को बनाए रखें, जो हमें डॉक्टर अंम्बेडकर ने दिए थे।

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