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इस बार राजपथ पर अपनी धमक दिखाएगा राफेल

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The Angle

जयपुर।

अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल भले अभी कुछ महीनों बाद भारतीय वायुसेना को मिलेगा और इसे भारत पहुंचने में अभी कुछ और वक्त लगेगा लेकिन उससे पहले ही इसकी धमक की झलक देशवासियों को देखने को मिल सकेगी। दरअसल गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर दिखाई जाने वाली झांकियों में इस बार एक झांकी में राफेल को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

 

राफेल और तेजस वायुसेना की झांकी में एकसाथ आएंगे नज़र

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस और आकाश मिसाइल के साथ राफेल का मॉडल भी भारतीय वायुसेना की झांकी में प्रदर्शित किया जाएगा।

 

फ्लाई पास्ट में पहली बार अपाचे और चिन्हुक भी दिखाएंगे अपनी क्षमता

खास बात ये है इस बार पहली बार दुश्मन पर हमला बोलने में सक्षम अपाचे और चिन्हुक हेलीकाप्टर भी गणतंत्र दिवस परेड के दौरान लड़ाकू विमानों के साथ राजपथ के आसमान में उड़ान भरेंगे।

 

वायुसेना गणतंत्र दिवस परेड पर अपनी झांकी दिखाने को तैयार

भारतीय वायुसेना ने गणतंत्र दिवस परेड के सबसे आकर्षक शो लड़ाकू विमानों की उड़ान समेत अपनी झांकी की तैयारी पूरी कर ली है। विमान के फ्लाई पास्ट में वायुसेना के 41 जेट और चार हेलीकाप्टर शामिल होंगे। इसमें 16 फाइटर जेट विमान और 10 मालवाहक विमान भी शामिल होंगे। इसमें जगुआर, सुखोई, मिग-29, सी-130जे सुपर हरक्यूलस के साथ अपाचे, चिन्हुक और एमआई-17 हेलीकाप्टर शामिल हैं।

 

लड़ाकू विमान अपने करतब से जीतेंगे दर्शकों के दिल

राष्ट्रपति भवन की ओर से राजपथ के आकाश से गुजरते हुए ये लड़ाकू विमान और हेलीकाप्टर भारतीय वायुसेना की क्षमता का प्रदर्शन करते हुए अपने हवाई करतबों से दर्शकों का दिल जीतेंगे।

 

झांकी में राफेल जेट का प्रतिरूप नए इजाफे का देगा संदेश

वहीं झांकी में जाहिर तौर पर राफेल जेट का प्रतिरूप वायुसेना की ताकत में होने जा रहे नए इजाफे का संदेश देगा। वैसे चार राफेल विमानों की पहली खेप मई महीने में भारत पहुंच जाएगी।

 

दसॉ कंपनी ने पहला राफेल विमान भारतीय वायुसेना को फ्रांस में सौंपा

पहले राफेल विमान को निर्माता कंपनी दसॉ ने भारतीय वायुसेना को फ्रांस में सौंप दिया है और वायुसेना के पायलट व इंजीनियर इसके प्रशिक्षण उड़ान के लिए वहां हैं। मालूम हो कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बीते साल अक्टूबर में विजयदशमी के मौके पर भारत को सौंपे गए इस पहले विमान को लेने खुद फ्रांस पहुंचे थे और यहां भारतीय परंपरा का निर्वाह करते हुए उन्होंने राफेल का शस्त्र पूजन भी किया था। हालांकि विपक्ष ने इस पर उनकी आलोचना करते हुए उनसे पूछा था कि क्या वे अंधविश्वासी हैं ?

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