Home National क्या जानबूझकर की गई मुख्यमंत्री केजरीवाल के नामांकन में देरी ?

क्या जानबूझकर की गई मुख्यमंत्री केजरीवाल के नामांकन में देरी ?

59
0

The Angle

जयपुर।

और आखिरकार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए नई दिल्ली विधानसभा सीट से नामांकन कर ही दिया। लेकिन पहले तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रोड शो में ज्यादा समय लगने के चलते नामांकन नहीं कर पाए थे, फिर नामांकन का आखिरी दिन होने और उनके नामांकन में हो रही देरी को लेकर कल मंगलवार को बवाल मच गया। ऐसे में सोशल मीडिया में अफवाहें वायरल होने लगीं। कहा जाने लगा कि केजरीवाल के नामांकन में जानबूझकर देरी की जा रही है।

इन अफवाहों को विराम देने और सत्यता सामने लाने के लिए नई दिल्ली चुनाव कार्यालय के अधिकारियों को तुरंत मैदान में उतरना पड़ा। पड़ताल के बाद देर रात नई दिल्ली चुनाव कार्यालय ने सोशल मीडिया पर मचे इस बवाल को सोचा-समझा षड्यंत्र बताया। साथ ही कहा कि सोशल मीडिया के ज़रिए फैलाई गई सूचनाएं भ्रामक पाई गईं। उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, कि केजरीवाल के नामांकन को दाखिल करने में भी उतना ही वक्त लगा, जितना नियमानुसार लगना चाहिए था। जानबूझकर देरी किए जाने की तमाम खबरों का खंडन किया।

 

चुनाव अधिकारियों ने षड्यंत्र की संभावना से किया इनकार

नई दिल्ली जिला चुनाव कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, “एक नामांकन पत्र की पड़ताल और फिर उसे दाखिल कराने में लगभग 35 मिनट का वक्त लगता ही है। मंगलवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन होने से उम्मीदवारों की संख्या काफी ज्यादा थी। क्योंकि नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील होती है। इसलिए हर नामांकन की पड़ताल भी गहराई से की जाती है। ऐसे में प्रक्रिया पूरी करने में थोड़ा वक्त लगना तो स्वभाविक ही है।”

जारी बयान में कहा गया है कि पीठासीन अधिकारी के सामने एक साथ बहुत सारे नामांकन पत्र पहुंच गए थे। इसलिए हर उम्मीदवार को बाकायदा टोकन दिया गया था। क्रमवार ही मुख्यमंत्री केजरीवाल को भी टोकन मिला। पहले से क्रम में लगे उम्मीदवारों के नामांकन पहले दाखिल किए गए। जैसे ही मुख्यमंत्री की बारी आई, उनका नामांकन पड़ताल के बाद दाखिल करा लिया गया। इसमें किसी भी तरह के षड्यंत्र की संभावना से इनकार किया है।

 

नामांकन-पत्र में देरी को मुख्यमंत्री केजरीवाल ने नहीं दिया तूल

उधर आम आदमी पार्टी ने भले ही इस मुद्दे पर भाजपा को घेरा हो, लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल इस मुद्दे पर भी बेहद सहज दिखे। मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट कर कहा-कोई बात नहीं है। इनमें से अधिकांश पहली बार नामांकन कर रहे हैं। हमने भी पहली बार नामांकन भरने में गलती की थी। मैं उनके साथ इंतजार का आनंद ले रहा हूं। ये सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं।

 

कुमार विश्वास बोले, ‘…..इनको तो बख्शो’

उधर केजरीवाल के इस ट्वीट पर ‘आप’ के पुराने सहयोगी और कवि-साहित्‍यकार कुमार विश्वास पर निशाना साधा। कुमार ने केजरीवाल के इस ट्वीट का जवाब देते हुए ट्वीट किया और लिखा, ‘फैमिली ? जिस अन्ना को पिता कहा, जिस योगेंद्र यादव को बड़ा भाई कहा, जिस दोस्त को छोटा भाई कहा, उन सबके साथ जैसा षड्यंत्रकारी हत्यारों जैसा व्यवहार किया था, इन बेचारों के साथ भी वैसा ही व्यवहार करोगे क्या ? कम से कम, परिवार-संस्कार-सरोकार जैसे शब्दों को तो बख्श दो अब’…

चुनाव कार्यालय में देर शाम तक स्वीकार किए गए नामांकन-पत्र

चुनाव कार्यालय के बयान के मुताबिक, नामांकन पत्र दाखिल करने का काम आरपी एक्ट की धारा 33 के तहत किया जाता है। हर उम्मीदवार को 4 प्रतियों में नामांकन-पत्र दाखिल करना होता है। चारों प्रतियों की अलग-अलग गंभीरता से पड़ताल की जाती है। इस प्रक्रिया में वक्त लगना स्वभाविक है। दिल्ली चुनाव विभाग की ओर से जारी आधिकारिक बयान में आगे बताया गया है, कि 21 जनवरी को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख थी। इसलिए भी नई दिल्ली जिले में संबंधित पीठासीन अधिकारी के यहां भीड़ ज्यादा हो गई थी। करीब 66 उम्मीदवारों की भीड़ एक साथ नामांकन दाखिल करने के लिए पहुंच गई थी। भीड़ से पैदा स्थिति के चलते ही पीठासीन अधिकारी कायार्लय ने नियमानुसार 3 बजे के बजाय देर शाम तक भी नामांकन-पत्र स्वीकार किए गए थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here