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उप राष्ट्रपति पद का कौन होगा विजेता, जगदीप धनखड़ या मार्गरेट अल्वा ?

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द एंगल

नई दिल्ली.

उप राष्ट्रपति के लिए आज चुनाव जारी हैं। आज देश को नए उप राष्ट्रपति मिल जाएंगे। सुबह 10 बजे से वोटिंग की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है जो शाम 5 बजे तक चलेगी। इसके बाद वोटों की गिनती होगी। उप राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के ओर से जगदीप धनखड़ और संयुक्त विपक्ष की ओर से मार्गरेट अल्वा उम्मीदवार हैं। आज देश को नए उप राष्ट्रपति मिलेंगे वहीं उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है।

सबसे पहले PM मोदी ने अपना वोट डाला। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने व्हीलचेयर पर संसद भवन पहुंचकर मतदान किया। गृह मंत्री अमित शाह के समेत कई पक्ष- विपक्ष के सांसद ने मतदान किया।

संसद में दोनों सदनों को मिलाकर कुल 788 सदस्य हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 788 वोटर हैं और जीत के लिए  394 वोटों की जरूरत है। अभी लोकसभा में 543 सांसद हैं, जबकि राज्यसभा में 237 हैं। यानी निर्वाचन मंडल 780 सांसदों का है। BJP के अपने 394 सांसद हैं, यह संख्या बहुमत के आंकड़े के बराबर हैं। इस तरह से देखा जाए तो BJP अकेले ही जगदीप धनखड़ को जितवा सकती है। उधर, बात NDA की करें तो 441 सांसद हैं।

धनखड़ को भाजपा द्वारा उप राष्ट्रपति के लिए किया गया नॉमिनेट

जगदीप धनखड़ ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनने से पहले भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सरकार में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वे 1989-91 के दौरान राजस्थान में झुंझुनू से 9वीं लोकसभा में जनता दल का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद सदस्य थे। वे 10वीं राजस्थान विधानसभा में 1993-98 के दौरान किशनगढ़ सीट से सदस्य भी रहे।

16 जुलाई 2022 को, भाजपा ने धनखड़ को  भारत के उपराष्ट्रपति के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में नामित किया। धनखड़ को भाजपा द्वारा किसान पुत्र के रूप में पेश किया गया है। वे संयुक्त विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।

मार्गरेट अल्वा कई राज्यो में रह चुकी हैं राज्यपाल

मार्गरेट अल्वा ने 1969 में राजनीति की शुरुआत की। अपने सास ससुर से प्रभावित होकर राजनीति में कदम रखा था।  उनकी सास वायलेट अल्वा 1960 के दशक में राज्यसभा की दूसरी उपसभापति थीं। अल्वा ने अगस्त 2014 में अपने कार्यकाल के अंत तक गोवा के 17 वें राज्यपाल, गुजरात के 23 वें राज्यपाल, राजस्थान के 20 वें राज्यपाल और उत्तराखंड के चौथे राज्यपाल के रूप में कार्य किया। उन्होंने पूर्व में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया है। उन्होंने राजस्थान में पंजाब के राज्यपाल शिवराज पाटिल से पदभार ग्रहण किया, जो उस राज्य का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। राज्यपाल नियुक्त होने से पहले, वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की संयुक्त सचिव थीं। 
17 जुलाई 2022 को यूपीए ने कुछ अन्य गैर-यूपीए विपक्षी दलों के साथ उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित किया।
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