Home Education कैसे छात्रों से चुपचाप लाखों की अवैध वसूली कर रहा राजस्थान विश्वविद्यालय,...

कैसे छात्रों से चुपचाप लाखों की अवैध वसूली कर रहा राजस्थान विश्वविद्यालय, नाटक में दिखाई समस्या

31
0
कैसे छात्रों से चुपचाप लाखों की अवैध वसूली कर रहा राजस्थान विश्वविद्यालय, नाटक में दिखाई समस्या

The Angle

जयपुर।

राजस्थान यूनिवर्सिटी में हर साल हजारों विद्यार्थी परीक्षा देते हैं। ये विद्यार्थी अपने साथ अपनी किताबें, नोट्स, बैग और मोबाइल फोन जैसी जरूरी चीजें लेकर आते हैं। लेकिन परीक्षा देने जाने से पहले ऐसा सभी सामान विश्वविद्यालय की ओर से बाहर ही रखवा लिया जाता है। ऐसे में छात्र सामान गुम न हो जाए, यह सोचकर विश्वविद्यालय की ओर से बनाए गए कलेक्शन सेंटर पर अपना सामान जमा करवा देते हैं, ताकि उनका कीमती सामान सुरक्षित रह सके। इसकी एवज में हर छात्र को 20-20 रुपए चुकाने होते हैं।

राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन

सुनने में यह राशि बहुत छोटी लग सकती है, लेकिन जब यही राशि विश्वविद्यालय में परीक्षा देने आने वाले हजारों छात्रों से और हर परीक्षा से पहले वसूली जाती है, तो यह राशि लाखों में पहुंच जाती है। वहीं छात्र भी अपने सामान की सुरक्षा के चलते मजबूरी में यह राशि विश्वविद्यालय को जमा करवा देते हैं। हजारों छात्रों की इसी परेशानी को लेकर बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति सचिवालय के बाहर नुक्कड़ नाटक कर गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स ने कहा कि परीक्षा देने आने वाले छात्रों से मोबाइल फोन, बैग और अन्य जरूरी सामान रखने के नाम पर प्रति छात्र 20-20 रुपए तक वसूले जाते हैं। जो कि पूरी तरह अवैध है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय को निःशुल्क ही इस तरह की सुविधा छात्रों को मुहैया करवानी चाहिए, ताकि छात्रों से की जा रही अवैध वसूली पर रोक लग सके।

नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले सक्रिय हुए छात्र नेता

एक तरफ इसे जहां छात्र हित का मुद्दा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे छात्र राजनीति का एक और मुद्दा बताया जा रहा है। दरअसल इन दिनों विश्वविद्यालय में आगामी सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। वहीं जुलाई माह से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्र नेता सक्रिय हो जाएंगे। ऐसे में इसे भी छात्रों को लुभाने के लिए छात्रनेताओं का नया हथकंडा माना जा रहा है क्योंकि इस समस्या से हर छात्र का सामना कभी न कभी होता ही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here