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लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस जारी, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पीएम मोदी से पूछे 3 सवाल

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लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस जारी, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पीएम मोदी से पूछे 3 सवाल

The Angle

दिल्ली।

मोदी सरकार आज अपने दूसरे कार्यकाल में पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है। इस दौरान संसद में कांग्रेस नेता और वायनाड सांसद राहुल गांधी भी मौजूद रहे। पहले बताया गया था कि कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इसकी शुरुआत की। इसे लेकर भी सत्ता पक्ष के सांसदों और मंत्री प्रहलाद जोशी ने पूछा कि आखिर राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव पर क्यों नहीं बोल रहे हैं। सरकार के खिलाफ इस अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए बहस की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ पीएम मोदी का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं।

गौरव गोगोई बोले- हम सिर्फ मणिपुर की नहीं, पूरे भारत की बात कर रहे

गोगोई ने कहा कि हम अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर हैं। यह कभी भी संख्या के बारे में नहीं था, बल्कि मणिपुर के लिए न्याय के बारे में था। उन्होंने कहा कि मैं प्रस्ताव पेश करता हूं कि यह सदन सरकार में अविश्वास व्यक्त करता है। I.N.D.I.A. मणिपुर के लिए यह प्रस्ताव लाया है। मणिपुर न्याय चाहता है। अगर मणिपुर जल रहा है, तो भारत जल रहा है। इसलिए आज हम सिर्फ मणिपुर की नहीं, पूरे भारत की बात कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम सिर्फ पीएम मोदी का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने संसद में न बोलने का मौन व्रत ले लिया है। इसलिए उनकी चुप्पी तोड़ने के लिए हमें अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमारे पास उनके लिए 3 सवाल हैं।

  • प्रधानमंत्री आज तक मणिपुर क्यों नहीं गए ?
  • पीएम को आखिरकार मणिपुर पर बोलने में लगभग 80 दिन क्यों लग गए और जब वे बोले तो सिर्फ 30 सेकंड के लिए ?
  • प्रधानमंत्री ने अब तक मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया ?

मणिपुर सीएम पर हिंसा खत्म करने की बजाय भड़काऊ कदम उठाने के लगाए आरोप

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह स्वीकार करना होगा कि उनकी डबल इंजन सरकार मणिपुर में विफल हो गई है। इसलिए मणिपुर में 150 लोगों की मृत्यु हुई, लगभग 5000 घर जला दिए गए, लगभग 60,000 लोग राहत शिविरों में हैं और लगभग 6500 FIR दर्ज की गई हैं। राज्य के सीएम, जिन्हें बातचीत से शांति और सद्भाव का माहौल बनाना चाहिए था, उन्होंने पिछले 2-3 दिनों में भड़काऊ कदम उठाए हैं। इससे समाज में तनाव पैदा हो गया है।

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