Home Politics हनुमान बेनीवाल बोले- आरएलपी न होती तो कांग्रेस का खाता भी नहीं...

हनुमान बेनीवाल बोले- आरएलपी न होती तो कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलता

44
0
हनुमान बेनीवाल बोले- आरएलपी न होती तो कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलता

The Angle

जयपुर।

नागौर से सांसद चुने गए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खींवसर से विधायक रहते सांसद का चुनाव लड़ा था। इस दौरान मीडिया से बातचीत में बेनीवाल ने कांग्रेस पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया। नागौर सांसद ने कहा कि लोकसभा चुनाव में अगर आरएलपी साथ नहीं आती, तो इस बार फिर कांग्रेस का प्रदेश में खाता भी नहीं खुलता। उन्होंने कहा कि राजस्थान कि विधानसभा को वे मिस करेंगे, क्योंकि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत यहीं से हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे कोई व्यक्ति विधानसभा और लोकसभा का सदस्य एक साथ रह सके, ताकि बार-बार चुनाव नहीं करवाना पड़े।

हनुमान बेनीवाल बोले- खींवसर का उपचुनाव तो आरएलपी ही जीतेगी

वहीं खींवसर में विधानसभा उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि खींवसर से आरएलपी का तो चुनाव लड़ना तय है। कांग्रेस के साथ गठबंधन से चुनाव लड़ा जाएगा या अकेले, इस पर बात करेंगे। अभी हम इंडिया अलायंस में तो हैं ही। भाजपा नेता ज्योति मिर्धा के खींवसर से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ज्योति मिर्धा चुनाव लड़े या कोई और सामने उतरे, खींवसर की सीट तो आरएलपी ही जीतेगी। वहीं विधायक कोष से 5 करोड़ रुपए के काम एक दिन में स्वीकृत करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उनका अधिकार है कि वे कोष से 1 दिन में पांच करोड़ के काम स्वीकृत करें या पांच साल में।

ईवीएम पर जारी बयानों पर भी दी प्रतिक्रिया

यही नहीं आरएलपी संयोजग ने ईवीएम पर लगातार उठ रहे सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईवीएम पर पहले भी सवाल खड़े हुए थे, अब भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा देश चाहता है कि बैलेट पेपर से चुनाव हों। ईवीएम को लेकर बातें चल रही हैं। चुनाव आयोग भी सत्ताधारी पार्टी के प्रत्याशियों की मदद करता है। जब नीट का पेपर आउट हो सकता है, आरपीएससी-कर्मचारी चयन आयोग भ्रष्टाचार में डूब सकता है, जयपुर में जब गुर्दे बदले जा सकते हैं, तो क्या नहीं हो सकता। ईवीएम क्यों नहीं बदली जा सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here