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राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कलराज मिश्र ने पूरे किए 4 साल, बोले- सोचा नहीं था कि मुझे इतना प्यार मिलेगा

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राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कलराज मिश्र ने पूरे किए 4 साल, बोले- सोचा नहीं था कि मुझे इतना प्यार मिलेगा

The Angle

जयपुर।

राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कलराज मिश्र के कार्यकाल के 4 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजभवन में मीडिया को संबोधित किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजस्थान में मुझे इतना प्यार मिलेगा। राजस्थान ने मुझे बहुत कुछ दिया। संविधान की बात तो होती है, परन्तु उसकी उद्देशिका, मौलिक कर्तव्यों के बारे में अभी भी बहुत अधिक जानकारी नहीं है। सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों से पहले संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों के वाचन की शुरुआत की, ताकि संविधान के प्रति जन आस्था और मजबूत हो सके।

राज्यपाल बोले- विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू करने में राजस्थान आगे

उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा में अभिभाषण से पूर्व सदन के सदस्यों को भी इस पहल से जोड़ा। नई पीढ़ी संवैधानिक अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों के निर्वहन के लिए भी सजग रहे, इस उद्देश्य से विश्वविद्यालयों में संविधान वाटिकाओं का निर्माण करने की शुरुआत की गई। विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू करने में राजस्थान अग्रणी राज्य है। देश में नई शिक्षा नीति लागू किए जाने के बाद राजस्थान ने ही सबसे पहले इसे विश्वविद्यालयों में विधिवत लागू करने की शुरुआत की। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में ‘च्वॉइस बेस्ड सिस्टम लागू करने और सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय को कुलाधिपति पुरस्कार प्रदान करने की पहल की गई, ताकि विश्वविद्यालयों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे।

देश के पहले संविधान पार्क के निर्माण का संकल्प पूरा हुआ- कलराज मिश्र

शैक्षिक नवाचारों से बड़े स्तर पर विद्यार्थी लाभान्वित हुए। स्टेट यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के अलावा मासिक प्रतिवेदन के आधार पर विश्वविद्यालयों का नियमित मूल्यांकन भी राजभवन स्तर पर सुनिश्चित किया गया। राज्यपाल ने कहा कि आस्था विश्वास कर्तव्य की दिशा में कुछ सार्थक कर सका हूं। निरंतर नई दृष्टि भी मिली है। राजभवन में देश के पहले संविधान पार्क के निर्माण का संकल्प पूरा हुआ। संविधान की मौलिक दृष्टि का प्रसार करने के लिए कार्य किया। राज्यपाल पद पर रहते हुए पिछले 4 वर्ष संविधान संस्कृति की उज्ज्वलता को समर्पित रहे। राज्यपाल पद की अपनी मर्यादा है। भारतीय संविधान की मौलिक दृष्टि का अधिकाधिक प्रसार करने के लिए कार्य किया। राज्यपाल ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों को मूर्त रूप देने के लिए बहुत सारे नवाचार इन 4 वर्ष में किए गए।

https://www.youtube.com/watch?v=h6Q8bbxUoS4

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